हमने अक्सर जिन्न के बारे में कई किस्से और कहानियां सुनी हैं। जिन्न को लेकर हमारे समाज में अलग-अलग मान्यताएं हैं। जहां एक तरफ कई लोगों का मानना है कि जिन्न एक शैतानी आत्मा होती है, जो इंसानों को परेशान करती है। वहीं दूसरी तरफ कई लोगों का मानना है कि जिन्न सिर्फ इंसानों को नुकसान नहीं पहुंचाते, बल्कि लोगों की रक्षा भी करते हैं। इसके अलावा कई लोगों को लगता है कि जिन्न किस्से-कहानियों के तथाकथित पात्र हैं, हकीकत में जिन्न जैसा कोई प्राणी नहीं होता है। मुस्लिम धर्म में जिन्न को लेकर एक अलग और रोचक धारणा मिलती है। मुस्लिम धर्म के सबसे पाक धर्मग्रंथ कुरान में भी जिन्न का जिक्र किया गया है। जिसमें बताया गया है कि जिन्न हकीकत में होते हैं।


कुरान में जिन्न के अस्तित्व और रूप-रेखा के बारे में कई बातें बताई गई हैं। कुरान के मुताबिक, जिन्न एक अलग प्राणी होते हैं, जो इंसानों को दिखाई नहीं देते हैं। कुरान के अनुसार अल्लाह ने इंसानों से पहले जिन्न को बनाया है। इसके अलावा कुरान में जिन्न के वजूद को लेकर क्या बताया गया है, आइए जानते हैं।

 

यह भी पढ़ें: मनुस्मृति के अनुसार लव मैरिज उचित है या नहीं? जानिए पूरा सच

जिन्न का वजूद क्या है ?

 

इस्लामिक मान्यता के मुताबिक, जिन्न एक हकीकत हैं, जो इंसानों की तरह धरती पर ही रहते हैं। हालांकि उनकी दुनिया इंसानों से बेहद अलग है। कुरान की सूरह अज-जारियात के मुताबिक, अल्लाह ने इंसानों और जिन्न को अपनी इबादत के लिए बनाया है। कुरान के अनुसार, अल्लाह ने इंसानों को मिट्टी और फरिश्तों को नूर यानी रोशनी से बनाया है, जबकि जिन्न को आग की लपटों से बनाया गया है।

 

क्या जिन्न भी अपनाते हैं कुरान ?

कुरान के मुताबिक, एक बार जिन्न के एक समूह ने नबी मुहम्मद को कुरान की तिलावत करते हुए सुन लिया था। जिसके बाद वह जिन्न अपनी कौम के पास गया और कहा कि उन्होंने एक अद्भुत कुरान सुना है, जो सीधे रास्ते पर चलना सिखाता है। इससे संकेत मिलता है कि शायद जिन्न भी कुरान की बात मानते हों। कुरान की सूरह अल-कहफ के अनुसार, जिन्न में अहंकार, विद्रोह और क्रोध भी होता है।

 

यह भी पढ़ें: 'नमो नमो दुर्गे सुख करनी', पढ़ें दुर्गा चालीसा, मिलेगा मां दुर्गा का आशीर्वाद

 

जिन्न से मदद मांगना गलत या सही

अल्लाह ने भले ही जिन्न को इंसानों से पहले बनाया हो, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि जिन्न की इबादत या आराधना करनी चाहिए। कुरान में जिन्न से संपर्क न करने की हिदायत दी गई है।