आयरलैंड दौरा भारतीय क्रिकेट टीम के लिए निराशाजनक साबित हुआ। बेलफास्ट में खेली गई दो मैचों की टी20 सीरीज में टीम इंडिया को 2-0 से हार का सामना करना पड़ा। दूसरे मुकाबले में भी भारतीय टीम 1 रन से मैच हार गई। इसके साथ ही आयरलैंड ने पहली बार भारत के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज जीतकर इतिहास रच दिया। यह हार कप्तान श्रेयस अय्यर के लिए भी बड़ा झटका है, क्योंकि उनकी कप्तानी में टीम दोनों मुकाबले जीतने में नाकाम रही।
अब भारतीय टीम इंग्लैंड दौरे पर जाने वाली है, जहां दोनों टीमों के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज खेली जाएगी। ऐसे में टीम मैनेजमेंट को अपनी कई कमजोरियों पर जल्द से जल्द काम करना होगा। सीरीज का पहला मुकाबला 1 जुलाई को खेला जाएगा। इसके बाद दूसरा मैच 4 जुलाई, तीसरा 7 जुलाई, चौथा मुकाबला 9 जुलाई और सीरीज का आखिरी यानी पांचवां मैच 11 जुलाई को होगा।
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खराब शुरुआत और साझेदारियों ने बिगाड़ा खेल
भारत की हार की सबसे बड़ी वजह दोनों मैचों में खराब शुरुआत रही। पहले मुकाबले में 183 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम 148 रन पर सिमट गई, जबकि दूसरे मैच में 155 रन का लक्ष्य भी हासिल नहीं कर सकी। दोनों मैचों में शुरुआती विकेट जल्दी गिरने से मध्यक्रम पर दबाव बढ़ गया। पहले मैच में ओपनिंग साझेदारी सिर्फ 16 रन की रही, जबकि दूसरे मुकाबले में पहला विकेट बिना कोई रन जोड़े ही गिर गया। तिलक वर्मा और अभिषेक शर्मा ने जरूर संघर्ष किया लेकिन दूसरे छोर से उन्हें किसी बल्लेबाज का साथ नहीं मिला। लगातार विकेट गिरने के कारण भारत कोई बड़ी साझेदारी नहीं बना सका।
टीम चयन और बल्लेबाजी क्रम पर उठे सवाल
सीरीज हार के बाद टीम चयन और बल्लेबाजी क्रम को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर का मानना है कि इंग्लैंड जैसी परिस्थितियों में भारत को अधिक तकनीकी रूप से मजबूत विशेषज्ञ बल्लेबाजों की जरूरत होगी। उन्होंने टीम में जरूरत से ज्यादा ऑलराउंडर रखने की रणनीति पर भी सवाल उठाए। वॉशिंगटन सुंदर और सूर्यांश शेडगे जैसे खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा।
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इंग्लैंड में जीत के लिए दूर करनी होंगी कमियां
आयरलैंड की सीम और उछाल वाली पिचों पर भारतीय बल्लेबाज बार-बार जूझते दिखे। इससे साफ है कि विदेशी हालात में टीम को अपनी बल्लेबाजी की तकनीक और रणनीति पर अभी और मेहनत करने की जरूरत है। वहीं, तेज गेंदबाजी में भी प्रसिद्ध कृष्णा कुछ खास असर नहीं छोड़ पाए। हालांकि, युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव ने दूसरे टी20 में तीन विकेट लेकर जरूर सबका ध्यान खींचा।
अब अगर भारत को इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करना है, तो टीम को शुरुआत से ही मजबूत बल्लेबाजी करनी होगी, बड़ी साझेदारियां बनानी होंगी, सही टीम कॉम्बिनेशन के साथ उतरना होगा और डेथ ओवरों में गेंदबाजी भी बेहतर करनी होगी। तभी भारतीय टीम आयरलैंड दौरे की निराशा को पीछे छोड़कर दमदार वापसी कर पाएगी।


