एशियन गेम्स 2026 के विमेंस 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में मनु भाकर कोई मेडल नहीं पाईं। बुधवार (23 सितंबर) को टीम स्पर्धा में मनु, ईशा सिंह और सुरुचि सिंह की तिकड़ी चौथे स्थान पर रही। मनु ने व्यक्तिगत स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाकर खुद को मेडल की रेस में बनाए रखा था लेकिन वह लय खो बैठीं और पांचवें स्थान पर फिनिश किया। उन्होंने क्वालिफाइंग में 579 का स्कोर बनाकर तीसरा स्थान हासिल किया था। मगर फाइनल में वह 181.1 अंक ही बना पाईं।
मनु ने मेडल से चूकने के बाद भी खुद को संभाले रखा था लेकिन जैसे ही जसपाल राणा का नाम आया, वह अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाईं और रो पड़ीं। उन्हें अपने कोच जसपाल राणा से मिली करियर और जिंदगी से जुड़ी सीखें याद आ गईं। महान निशानेबाज और कोच जसपाल राणा का कुछ महीने पहले दिल की बीमारी से निधन हो गया था। मनु ने बताया कि जसपाल राणा को खोने के बाद उनके लिए पिछले कुछ महीने आसान नहीं रहे हैं।
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उन्हें भुलाना मुश्किल - मनु भाकर
व्यक्तिगत स्पर्धा में पांचवें स्थान पर रहने के बाद जसपाल राणा के बारे में पूछे जाने पर मनु ने कहा, 'अगर बीता पूरा सफर याद करूं तो आप एक या दो चीजें याद नहीं रखते। वह सदैव आपकी यादों में रहते हैं। जब कोई व्यक्ति आपके जीवन का अहम हिस्सा हो तो आप भुला नहीं सकते।'
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जसपाल राणा के कोच रहते मनु ने पेरिस ओलंपिक 2024 में 2 ब्रॉन्ज मेडल जीते थे। तीन एशियन गेम्स में 4 गोल्ड समेत 8 मेडल जीत चुके जसपाल राणा ने दोहा में 2006 में हुए एशियाड में 3 गोल्ड जीते थे। उनसे मिली सबसे बड़ी सलाह के बारे में पूछने पर मनु ने कहा, 'वह हमेशा प्रोसेस को लेकर बहुत दृढ़ थे कि आप किसी भी दिन, जिंदगी के किसी भी मोड़ पर, जब भी निशानेबाजी करें, तो आप अपना बेस्ट प्रदर्शन कर सकें और प्रोसेस को फॉलो करें।'
