पेरिस पैरालंपिक चैंपियन नितेश कुमार ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में प्रमोद भगत को हराकर बैडमिंटन मेंस सिंगल्स SL3 वर्ग का गोल्ड जीत लिया है। पैरालंपिक गोल्ड विजेताओं के बीच हुए फाइनल में 31 वर्षीय नितेश ने 38 साल के प्रमोद भगत को 21-18, 21-16 से हराया। 2018 और 2022 में गोल्ड जीतने वाले प्रमोद को सिल्वर से संतोष करना पड़ा। नवीन शिवकुमार ने SL4 वर्ग का गोल्ड अपने नाम किया।
नितेश ने तुलसीमति मुरूगेसन के साथ मिलकर मिक्स्ड डबल्स SL3-SU5 में सिल्वर मेडल भी हासिल किया। भारतीय जोड़ी को फाइनल में इंडोनेशिया के लीनी रात्रि ओकतिला और हिकमत रामदानी ने 11-21, 21-19, 21-14 से हराया।
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नितेश और नवीन बोले - गोल्ड जीतना सुखद
गोल्ड जीतने के बाद नितेश ने कहा, 'एशियन गेम्स में गोल्ड जीतकर बहुत अच्छा लग रहा है। पिछली बार मैं काफी करीब पहुंचकर हार गया था। इस बार प्रमोद को दो गेम में हराना काफी खास है और ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है।'
पहली बार इन गेम्स में भाग ले रहे नवीन ने इंडोनेशिया के फ्रेडी सेतियावान को 36 मिनट तक चले मुकाबले में 21-9, 21-17 से हराकर गोल्ड जीता। उन्होंने कहा, 'मुझे बहुत खुशी और गर्व महसूस हो रहा है। मैं पिछले 3-4 महीने से इस पल का इंतजार कर रहा था।' नवीन ने युगांडा पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल 2022 में गोल्ड और बहरीन में BWF पैरा बैडमिंटन वर्ल्ड चैम्पियनशिप 2026 में सिल्वर मेडल जीता था।
उन्होंने जून 2026 में फ्रेंच पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल में भी सिल्वर मेडल जीता था। नवीन ने कहा, 'मैं पहली बार एशियन पैरा गेम्स में उतरा था लेकिन इन सभी प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ पहले खेल चुका हूं। मैंने तैयारी में कोई दबाव नहीं लिया। अब मैं वर्ल्ड चैंपियनशिप और पैरालंपिक में भी मेडल जीतना चाहता हूं।'
टोक्यो पैरालंपिक के गोल्ड मेडल विजेता भगत ने कहा, 'मुझे अच्छा नहीं लग रहा क्योंकि मैं लगातार तीसरा गोल्ड मेडल जीतना चाहता था। लेकिन आज मेरे कुछ स्ट्रोक्स गलत हो गए और निर्णय भी सही नहीं रहे।'
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नित्या-तुलसीमति को भी सिल्वर से करना पड़ा संतोष
नित्या श्री सुमति सिवन ने विमेंस सिंगल्स SH6 फाइनल में चीन की लि फेंगमेइ से 12-21, 13-21 से हारने के बाद सिल्वर मेडल जीता। इससे पहले तुलसीमति मुरूगेसन को विमेंस SU5 वर्ग में सिल्वर से संतोष करना पड़ा, जो फाइनल में चीन की यांग कियूशिया से 18-21, 11-21 से हार गईं।
पैरा बैडमिंटन में SL3 वर्ग उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके निचले अंगों (पैरों) में काफी विकलांगता है और वे आधे कोर्ट पर खेलते हैं, जबकि SL4 उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके निचले अंगों में विकलांगता तो है लेकिन उनका चलने और दौड़ने का संतुलन बेहतर है। SU5 उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके ऊपरी अंगों (हाथों) में विकलांगता है, जबकि SH6 कम कद वाले खिलाड़ियों के लिए है।
