दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन के विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार कुशाग्र ने भी शतकीय पारी खेली। 21 साल के इस खिलाड़ी ने साउथ जोन के गेंदबाजों की तबीयत से पिटाई करते हुए 128 गेंद में अपना शतक पूरा किया, जिसमें 8 चौके और 5 छक्के शामिल रहे। कुशाग्र के फर्स्ट क्लास करियर का यह छठा शतक रहा। वह 241/4 के स्कोर पर क्रीज पर उतरे थे।

 

उन्होंने कप्तान ईशान किशन का बखूबी साथ निभाया और वह पहले दिन स्टंप्स तक 63 रन पर नाबाद लौटे। आज (7 सितंबर) उन्होंने अपनी पारी आगे बढ़ाई और लंच से पहले अपनी सेंचुरी पूरी की। 

 

वह ईस्ट जोन की पारी के 100वें ओवर की पहली गेंद पर सिंगल लेकर तिहरे अंक में पहुंचे। शतक पूरा होते ही कुशाग्र ने हेलमेट निकाला और दोनों हाथ फैलाकर ऊपर की ओर देखते हुए ईश्वर का शुक्र अदा किया। इसके बाद उन्होंने अपने बल्ले को वायलिन की तरह बजाया। उनका यह अनोखा अंदाज वायरल हो गया है।

 

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ईशान किशन के साथ की 230 रन की साझेदारी

कुशाग्र ने शतक लगाने के बाद और तेजी से रन जुटाना चाहा लेकिन वह टी विजय का शिकार बन गए। उन्होंने इस ऑफ स्पिनर की छोटी गेंद को पुल किया। मगर टाइमिंग सही नहीं हुई और गेंद उनके बल्ले का ऊपरी किनारा लेकर फाइन लेग पर आसान कैच के लिए चली गई। कुशाग्र खुद से निराश थे। वह 101 रन के निजी स्कोर पर आउट हुए। उनके पास इस पारी को और बड़ा करने का मौका था। हालांकि वह अपना काम कर चुके थे। 

 

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कुशाग्र ने ईशान के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 230 रन की साझेदारी की। उनका विकेट 471 के स्कोर पर गिरा। कुशाग्र के पवेलियन लौटने के बाद ईशान और अनुकूल रॉय ने लंच तक ईस्ट जोन को कोई और झटका नहीं लगने दिया और स्कोर को 500 के करीब पहुंचाया। ईशान 171 रन बनाकर खेल रहे हैं, जबकि अनुकूल 5 पर नाबाद हैं।