भारतीय महिला हॉकी टीम ने शुक्रवार को जापान के आइची-नागोया में हो रहे एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में पिछली बार के चैंपियन चीन को 1-0 से हरा दिया। इस जीत से भारत को दशकों बाद गोल्ड मेडल मिला है। भारतीय महिला टीम ने 44 साल का सूखा खत्म कर दिया है। इस दिन के इंतजार में भारत की टीम 4 दशक से थी। यह 44 साल बाद, एशियन गेम्स में भारतीय महिला टीम का पहला स्वर्ण पदक है। 

विश्व रैंकिंग में आठवें नंबर की भारतीय टीम ने चौथे नंबर की चीन को कड़े मुकाबले में हराया। मैच का इकलौता गोल लालरेम्सियामी ने 10वें मिनट में फील्ड गोल से किया। गोल्ड जीतने से भारत को 2028 के लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए सीधी एंट्री भी मिल गई। अब भारत ने क्वालिफायिंग गेम ही आसान कर लिया।

टूर्नामेंट में दीपिका का रहा जलवा

भारतीय टीम के लिए यह जीत एक मुश्किल ओलंपिक साइकिल के बाद आई है। टीम टोक्यो 2020 ओलंपिक में चौथे स्थान पर रही थी। उसके बाद वह पेरिस 2024 ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने से थोड़े अंतर से चूक गई थी।

इस बार क्या धमाल मचा है?

इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम के गोल करने का रिकॉर्ड भी शानदार रहा। दीपिका 21 गोल के साथ टूर्नामेंट की टॉप स्कोरर रहीं। उनकी साथी नवनीत कौर ने 10 गोल किए। चीन की झोंग जियाकी के नाम 9 गोल रहे।

 

 

भारत मेडल टैली में किस पायदान पर है?

आइची-नागोया एशियन गेम्स में यह भारत का 76वां पदक है। भारत अब तक 16 गोल्ड, 25 सिल्वर और 35 ब्रॉन्ज मेडल जीत चुका है। भारत के खाते में अभी और भी पदक आने वाले हैं।