रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने जब पिछले सीजन IPL ट्रॉफी का सूखा खत्म किया, तब इसे तुक्का माना गया था। मगर RCB ने लगातार दूसरी बार खिताब जीत अपने आलोचकों को गलत साबित कर दिया है। इस IPL सीजन में RCB ने सिर्फ 16 खिलाड़ियों का इस्तेमाल किया। इम्पैक्ट प्लेयर नियम आने के बाद से किसी भी टीम ने एक सीजन में 18 से कम प्लेयर्स के इस्तेमाल नहीं किया है, जो बताता है कि RCB अब कितनी सेटल साइड बन गई है।

 

RCB को इस मजबूत स्थिति में पहुंचाने में उसके डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट मो बोबाट का बड़ा रोल रहा है। IPL 2025 मेगा ऑक्शन में RCB ने भुनेश्वर कुमार, जितेश शर्मा, क्रुणाल पंड्या, रसिख सलाम डार और देवदत्त पडिक्कल जैसे भारतीय खिलाड़ियों पर बड़ी रकम खर्च की थी। इसके बाद बोबाट का काफी मजाक उड़ाया गया था। बोबाट ने टीम की दूसरी खिताबी जीत के बाद याद दिलाया कि जब पिछले मेगा ऑक्शन में टीमों के प्रदर्शन के आधार पर रैंकिंग बनाई गई थी, तब RCB सबसे निचले पायदान पर थी। पर उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का साफ अंदाजा था कि वह किस तरह की टीम बना रहे हैं।

 

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मेगा ऑक्शन में ही 'अजेय' बनी RCB?  

IPL 2025 मेगा ऑक्शन के बाद से RCB ने 30 में से सिर्फ 9 मैच गंवाए हैं। इस दौरान वह प्लेऑफ का एक भी मैच नहीं हारी है और दो बार चैंपियन बन चुकी है। बोबाट ने कहा है कि टीम मैनेजमेंट को उस ग्रुप पर पूरा भरोसा था, जिसे उन्होंने पिछले मेगा ऑक्शन में चुना था। सोमवार (1 जून) को RCB के एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोबाट ने कहा, 'मुझे नहीं पता कि आप ऑक्शन से कोई कम्पटीशन जीत सकते हैं या नहीं। मुझे लगता है कि आप शायद ऑक्शन से हार जरूर सकते हैं।' 

 

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बोबाट ने कहा, 'एक बार जब आप अपनी पहली मेगा ऑक्शन पूरी कर लेते हैं, तो उन चीजो को बदलना काफी मुश्किल होता है, जिनका आपको बाद में या तो अफसोस होता है।' उन्होंने आगे कहा, 'और फिर, अगले साल में आपको सिर्फ मिनी ऑक्शन से ही काम चलाना पड़ता है और मिनी ऑक्शन वाले साल में चीजें काफी मुश्किल हो जाती हैं।'