भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा ने स्पेशल ट्रीटमेंट की बात को खारिज करते हुए बुधवार (23 जून) को धमकी दी कि अगर उन्हें एशियन गेम्स से बाहर करने के 'मनमाने फैसले' के लिए 'उचित स्पष्टीकरण' नहीं दिया गया तो वह कानूनी कार्रवाई करेंगी। मनिका ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और खेल मंत्री मनसुख मांडविया से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की और कहा कि वह 'चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता, निरंतरता और जवाबदेही की हकदार हैं।'

मुझे सिर्फ जवाब चाहिए - मनिका 

भारतीय टेबल टेनिस महासंघ (TTFI) के सेलेक्शन क्राइटरेया को पूरा नहीं करने के कारण मनिका को एशियन गेम्स से बाहर कर दिया गया था। एशियन गेम्स के सेलेक्शन के लिए नेशनल प्रतियोगिताओं में भाग लेना अनिवार्य था।

 

मनिका ने एक बयान में कहा, 'पिछले कुछ दिनों में मैंने कई लोगों को यह कहते सुना है कि मैं एशियन गेम्स की टीम में जगह पाने की कोशिश कर रही हूं और विशेष रियायत की गुहार लगा रही हूं। मैं यह स्पष्ट करना चाहती हूं। मैं चयन के लिए गुहार नहीं लगा रही हूं। मैं किसी से भी फैसले को पलटने की अपील नहीं कर रही हूं। मैं सिर्फ जवाब मांग रही हूं।'  

 

उन्होंने आगे कहा, 'मुझे पूरी उम्मीद है कि मुझे स्पष्ट और तथ्यात्मक स्पष्टीकरण दिया जाएगा। अगर मुझे टीम से बाहर रखने के कारण का संतोषजनक जवाब नहीं मिलता तो मेरे पास कानूनी कार्रवाई करने का विकल्प भी है।'

 

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रैंकिंग के आधार पर बाहर की गईं मनिका?

कॉमनवेल्थ गेम्स की पूर्व गोल्ड मेडलिस्ट और दो बार की ओलंपियन मनिका ने कहा कि TTFI ने उन्हें टीम से बाहर रखने का ठोस कारण नहीं बताया है। उन्होंने कहा, 'मैं अभी वर्ल्ड रैंकिंग में 51वें स्थान पर हूं। टेबल टेनिस में रैंकिंग हर सप्ताह अपडेट होती है। इससे स्वाभाविक रूप से कुछ महत्वपूर्ण सवाल उठते हैं। रैंकिंग का मूल्यांकन करते समय किस समयावधि पर विचार किया गया? क्या आकलन पिछले 12 महीनों, छह महीनों, पिछले दो महीनों या केवल एक सप्ताह की रैंकिंग के आधार पर किया गया था?' 

 

उन्होंने कहा, 'अगर कोई खिलाड़ी जो लगातार टॉप-50 में रहा है, वह एक या दो सप्ताह में 50वें से 51वें स्थान पर खिसक जाता है, तो क्या इससे वह अचानक अयोग्य हो जाता है। ये ऐसे सवाल हैं जिनके स्पष्ट उत्तर मिलने चाहिए।'

 

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सेलेक्शन कमिटी पर उठाए सवाल

नेशनल प्रतियोगिताओं में भाग नहीं लेने के संदर्भ में मनिका ने कहा कि TTFI को उनके व्यस्त इंटरनेशनल शेड्यूल को ध्यान में रखना चाहिए था। मनिका ने TTFI सेलेक्शन कमिटी की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए। फेडरेशन ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर कमिटी का खुलासा नहीं किया है। उन्होंने कहा, 'खिलाड़ियों को यह जानने का अधिकार है कि फैसले कौन कर रहा है और उनकी योग्यता क्या है। चयन समिति के कितने सदस्यों ने इंटरनेशनल लेवल पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है।'