पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच ODI ट्राई सीरीज का फाइनल मुकाबला शनिवार (31 अक्टूबर) को खेला गया। लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में हुए इस हाई-स्कोरिंग मैच में पाकिस्तान ने 3 विकेट से जीत दर्ज कर ट्रॉफी अपने नाम कर ली। टॉस गंवाकर पहले बैटिंग करते हुए श्रीलंका ने कामिंदु मेंडिस के शतक की मदद से निर्धारित 50 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 325 रन बनाए थे, जिसे पाकिस्तान ने 48.3 ओवर में 7 विकेट खोकर हासिल कर लिया।
पाकिस्तान की ओर से फखर जमान ने शतकीय पारी खेली। उन्होंने 99 गेंद में 127 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 11 चौके और 6 छक्के निकले। साद बेग ने 75 गेंद में 74 रन बनाए। सातवें नंबर पर उतरे अराफात मिन्हास ने महज 31 गेंद में 3 चौके और 4 छक्के उड़ाते हुए 61 रन जड़े। इन तीनों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत पाकिस्तान ने किसी ODI फाइनल में सबसे बड़े रन चेज के भारत के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।
भारतीय टीम ने 2002 में इंग्लैंड के खिलाफ नेटवेस्ट सीरीज के फाइनल में 326 रन चेज किए थे। टीम इंडिया का यह रिकॉर्ड 24 साल से अछूता चल रहा था लेकिन अब पाकिस्तान ने बराबरी हासिल कर ली है।
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पाकिस्तान ने 18 साल बाद जीती ODI ट्राई सीरीज
पाकिस्तान ने इस जीत के साथ 18 साल का सूखा खत्म कर दिया है। उसने आखिरी बार कोई ODI ट्राई सीरीज 2008 में जीती थी। तब पाक टीम ने ढाका में खेले गए किटप्लाई कप के फाइनल में भारत को 25 रन से हराया था।
शुरू में बिखर गई थी पाक की पारी
पाकिस्तान ने बड़े रन चेज में 14 के स्कोर पर ही माज सदाकत (5) और बाबर आजम (0) के विकेट गंवा दिए थे। दोनों को दिलशान मदुशांका ने पवेलियन भेजा। यहां से फखर ने साद बेग के साथ मिलकर पाकिस्तान की पारी को संभाला। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 149 रन की साझेदारी हुई।
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बेग के आउट होने के बाद फखर ने सलमान अली आगा के साथ 57 रन की साझेदारी की। हालांकि फखर के आउट होने के कुछ देर बाद सलमान अली आगा भी चलते बने, जिससे पाकिस्तान का स्कोर 230/5 हो गया। पाक टीम को इस समय 79 गेंद में 96 रन चाहिए थे। मेजबान टीम की राह मुश्किल नजर आ रही थी लेकिन मिन्हास ने करिश्माई पारी खेल उसकी नैया पार लगा दी।
