वैभव सूर्यवंशी अपने पहले फर्स्ट क्लास शतक से 8 रन से चूक गए हैं। वैभव सेंट्रल जोन के खिलाफ दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में तूफानी बैटिंग कर रहे थे और लग रहा था कि वह 100 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से अपनी सेंचुरी पूरी करेंगे। मगर हर्ष दुबे की गेंद पर वह छक्का जड़ने के प्रयास में डीप मिडविकेट पर कैच थमा बैठे। हर्ष दुबे ने गेंद स्लॉट में डाली थी, जिस पर वैभव ने स्लॉग स्वीप किया लेकिन बल्ले और गेंद के बीच संपर्क अच्छा नहीं हुआ। 

 

शायद वैभव को एलिवेशन नहीं मिला। गेंद डीप मिडविकेट की ओर गई, जहां खड़े फील्डर ने पीछे हटते हुए बाउंड्री लाइन से ठीक पहले रिवर्स कप स्टाइल में कैच पूरा किया। वैभव को 92 रन के निजी स्कोर पर पवेलियन लौटना पड़ा। उन्होंने अपनी इस धमाकेदार पारी में 81 गेंद का सामना किया और 7 चौके और इतने ही छक्के उड़ाए।

 

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वैभव ने तोड़ा 57 साल पुराना रिकॉर्ड

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खेले जा रहे इस मुकाबले के पहले दिन वैभव की टीम ईस्ट जोन ने सेंट्रल जोन को 266 पर समेट दिया था। ईस्ट जोन के रेगुलर कप्तान ईशान किशन के चोटिल होने पर वैभव ने टीम की कमान भी संभाली। उन्होंने गेंदबाजों को अच्छे से चलाया और सेंट्रल जोन को बड़ा स्कोर नहीं बनाने दिया। आज (31 अगस्त) ईस्ट जोन की पहली पारी शुरु हुई। वैभव और अभिमन्यु ईश्वरन ने सेंट्रल जोन के गेंदबाजों की जमकर खबर लेते हुए 15.2 ओवर में ही टीम का स्कोर 100 के पार पहुंचा दिया। 

 

इस दौरान वैभव ने 42 गेंद में अपनी फिफ्टी पूरी की। वैभव दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक जड़ने वाले सबसे युवा बल्लेबाज बने। उन्होंने 57 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा। लक्ष्मण सिंह ने 1969 में 16 साल और 23 दिन की उम्र में दलीप ट्रॉफी में पचासा लगाया था, जबकि वैभव ने 15 साल 157 दिन की उम्र में ही यह मुकाम हासिल कर लिया।

 

ईश्वरन ने 70 गेंद में अर्धशतक जड़ा। वैभव-ईश्वरन ने जल्द ही 150 रन की साझेदारी पूरी कर ली। वैभव लंच से पहले शतक पूरा करने के मूड में थे लेकिन एक मिस शॉट ने उनकी पारी खत्म कर दी। उन्हें पारी की शुरुआत में जीवनदान भी मिला था। वैभव 161 के कुल स्कोर पर पवेलियन लौटे। उनके जाने के बाद कुमार कुशाग्र भी पहली ही गेंद पर आउट हो गए। लंच ब्रेक तक ईस्ट जोन का स्कोर 183/2 है।