ICC विमेंस टी20 वर्ल्ड कप के 21वें मुकाबले में बुधवार (23 जून) को ऑस्ट्रेलिया ने पाकिस्तान को 113 रन से रौंद दिया। एलिस पेरी की 48 गेंद में 71 रन की दमदार पारी की मदद से औस्ट्रेलिया ने 7 विकेट खोकर 199 रन बनाए थे, जिसके जवाब पाकिस्तानी टीम महज 86 पर ही सिमट गई। पेरी ने गेंद से भी कमाल दिखात हुए 2 विकेट झटके। उनके इस ऑलराउंड खेल की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने लगातार चौथी जीत दर्ज की, जिससे सेमीफाइनल में उसकी जगह लगभग पक्की हो गई है। वहीं भारतीय टीम की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
अब टीम इंडिया को क्या करना होगा?
भारत 3 में से 2 मैच जीतकर ग्रुप-1 में दूसरे पायदान पर है। साउथ अफ्रीका और बांग्लादेश ने भी 3-3 मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 2-2 जीत हासिल की है। टीम इंडिया नेट रन रेट के आधार पर इन दोनों से आगे है लेकिन ऑस्ट्रेलिया की जीत से अब उसकी सेमीफाइनल की राह कठिन हो गई है। अगर पाक टीम ऑस्ट्रेलिया को हरा देती, तो भारत का काम आसान हो सकता था। अब टीम इंडिया को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए अपने बचे हुए दोनों मैच हर हाल में जीतने होंगे।
हरमनप्रीत कौर ब्रिगेड का अगला मुकाबला शुक्रवार (25 जून) को बांग्लादेश से है। इस मुकाबले में जीत के बाद टीम इंडिया रविवार को ऑस्ट्रेलिया से भिड़ेगी, जो उसके लिए एक तरह से वर्चुअल क्वार्टर-फाइनल होगा।
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नेट रन रेट पर अटक सकता है मामला
भारतीय टीम का नेट रन रेट अभी काफी अच्छा (2.511) है लेकिन उसे बांग्लादेश के खिलाफ इसे बेहतर करने पर भी ध्यान देना होगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि ग्रुप-1 से तीन-तीन टीमें 4 पॉइंट्स पर फिनिश करते दिख रही हैं और मामला नेट रन रेट पर अटक सकता है। ऑस्ट्रेलिया (4.724) का जबरदस्त नेट रन रेट है। वह भारत से हार भी जाता है तो उसे ज्यादा टेंशन नहीं होगी।
टीम इंडिया को साउथ अफ्रीका का ध्यान रखना होगा, जिसके अगले दो मैच नीदरलैंड्स और बांग्लादेश से हैं। ये दोनों टीमें साउथ अफ्रीका के सामने कमजोर हैं। साउथ अफ्रीकी टीम विशाल जीत हासिल कर अपने नट रन रेट (-0.546) को सुधार सकती है। ऐसे में भारतीय टीम को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए जीत के साथ-साथ नेट रन का भी ख्याल रखना होगा।
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अगर टीम इंडिया हार गई तो?
भारत अपने बचे हुए दो में से एक भी मैच हार जाता है तो उसे दुआ करनी होगी कि साउथ अफ्रीका और बांग्लादेश भी अपने एक-एक मैच हार जाएं। हालांकि हरमनप्रीत की सेना इस सिचुएशन में जाने से बचना चाहेगी, क्योंकि दूसरी टीमों के नतीजों पर निर्भर रहने से ज्यादातर समय निराशा ही मिलती है।


