उत्तर प्रदेश के इटावा में हत्या के एक आरोपी को पुलिस ने पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया है। इस पूरी कार्रवाई का एक वीडियो भी सामने आया है। वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी गोली लगने के बाद सड़क पर घायल पड़े आरोपी के पैर पर पट्टी बांधते और उससे पूछताछ करते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी पुलिस और योगी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई के तरीके पर भी सवाल उठाए हैं।

 

अखिलेश यादव ने वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में फिल्म सिटी की शूटिंग चल रही है। उन्होंने आगे लिखा कि कथा-पटकथा लिखनेवाले भी पुलिस के लोग हैं, डायरेक्ट भी और वेश-भूषा सज्जावाले भी।

 

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अखिलेश यादव ने उठाए सवाल

अखिलेश यादव ने वीडियो के काप्शन में लिखा, 'यूपी के इटावा जिले में पुलिस ने एनकाउंटर में अपराधी को पकड़ा और दरोगा जी ने हाथोंहाथ पट्टी बांधकर मौके पर ही सारी पूछताछ कर ली। शायद थाने तक पहुंचते–पहुंचते चार्जशीट भी तैयार कर देंगे। अपराधी का पकड़ा जाना सराहनीय है लेकिन पुलिस का स्वांग रचकर झूठ को सच दिखाने का नाटक घातक है, कुछ भ्रष्ट पुलिसवाले इसका दुरुपयोग करके उप्र में कानून-व्यवस्था को ही अपराधी बना दे रहे हैं।'

 

उन्होंने आगे एक लाइन में सवाल उठाते हुए लिखा, 'उप्र में कोई गृहमंत्री है क्या?'

 

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क्या है पूरा मामला?

मामला इटावा के भरथना थानना क्षेत्र के चंदेठी गांव का है। 17 अगस्त को यहां पुष्पा देवी और उनकी शादीशुदा बेटी निर्मला की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में मुकेश यादव को मुक्य आरोपी बताया है। निर्मला का पति सत्येंद्र भी मामले में आरोपी है और अभा फरारा है।

 

पुलिस के अनुसार, मुकेश यादव को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। इस दौरान उसके पैर में गोली लगी थी। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सड़क पर ही उसके घायल पैर पर पट्टी बांधी और उससे पूछताछ की। इसी दौरान रिकॉर्ड किया गया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

 

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SSP ने दिए जांच के आदेश

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वायरल वीडियो को लेकर इटावा के SSP ने जांच के आदेश दिए हैं। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि वीडियो किसने बनाया, किस परिस्थिति में रिकॉर्ड किया गया और इसे सोशल मीडिया पर किस तरह वायरल किया गया। फिलहाल पुलिस की मुठभेड़ और आरोपी से पूछताछ के तरीके को लेकर सोशल मीडिया पर बहस जारी है। जांच के बाद ही यह साफ होगा कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही कार्रवाई किन परिस्थितियों में हुई।