शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है। एक तरफ पीएम मोदी ने कहा है कि वह उन युवाओं को माफ करना चाहते हैं और उन्हें सजा देने के बजाय सही रास्ता दिखाना चाहते हैं। वहीं, हरियाणा सरकार में मंत्री अनिल विज ने ऐसे लोगों और उनके परिवारों के सामाजिक बायकॉट की मांग कर दी है।

 

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किए गए एक वीडियो में कहा कि जंतर-मंतर पर जो हुआ, उसे पूरे देश और दुनिया ने देखा। उन्होंने कहा कि कुछ युवाओं ने उनके साथ-साथ उनकी दिवंगत मां के लिए भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, जो किसी भी सभ्य समाज के अनुरूप नहीं है। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि युवाओं से गलती हो सकती है और उन्हें सजा देने के बजाय सही दिशा दिखाने की जरूरत है।

 

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अनिल विज का पूरा बयान

प्रधानमंत्री के बयान के बाद हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर साझा किया है। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए छात्र प्रदर्शनों के दौरान उनके और उनकी दिवंगत माताजी के खिलाफ अपमानजनक और अमर्यादित भाषा इस्तेमाल करने वाले युवाओं को लेकर बड़ा दिल दिखाते हुए उन्हें माफ करने का संदेश दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी बहुत महान पुरुष हैं वह ऐसी जलालत वाली बात को माफ कर सकते हैं परन्तु इस देश की जनता इसको कभी माफ नहीं कर सकती। यह जिस भी परिवार के लोग हैं उनका सारा देश बायकाट करे उनसे सब अपने संबंध विशेद करें और चाहे यह परिवार सारा दिन सड़कों पर नाक रगड़ें इनको कभी माफ न किया जाए। यदि आप भी इस से सहमत हैं तो इसके नीचे अपनी सहमति दे।'

एक पर इस मामले में जीरो FIR दर्ज

इस मामले में उत्तर प्रदेश के नोएडा एक जीरो FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि उन्होंने 25 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। वहीं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि 'प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह, आप Gen Z को धमकाकर चुप नहीं करा सकते।' फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ प्रधानमंत्री संयम और माफी की बात कर रहे हैं, जबकि दूसरी और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता अपने-अपने नजिए से इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।