बिहार में रिश्वत मांगने वाले अधिकारियों पर निगरानी का शिकंजा कसता जा रहा है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बाजपट्टी के अंचलाधिकारी प्रभात कुमार को रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। सीओ पर आरोप है कि उन्होंने पिपराढ़ी गांव निवासी नरेश राम से जमीन से अतिक्रमण हटवाने के बदले 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। गिरफ्तारी के दौरान सीओ करीब 6 घंटे तक खुद को घर में बंद कर बैठे रहे।

 

पीड़ित नरेश राम ने निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी जमीन पर कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। इसे हटवाने के लिए वे अंचल कार्यालय गए थे। आरोप है कि इसी दौरान सीओ प्रभात कुमार ने फाइल आगे बढ़ाने और अतिक्रमण हटवाने के बदले 20 हजार रुपये की मांग की। शिकायत के साथ पीड़ित ने सीओ द्वारा रिश्वत मांगने की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी निगरानी को सौंपी। 

 

यह भी पढ़ें: खगड़िया में मुठभेड़, पुलिस से पिस्टल छीनने वाला बदमाश घायल; दो की तलाश

3 बार समन भेजा, नहीं आए तो निकला वारंट

शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले की गुप्त जांच शुरू की। जांच में ऑडियो की फोरेंसिक जांच कराई गई। ऑडियो में आवाज की पुष्टि के लिए निगरानी ने सीओ प्रभात कुमार को वॉयस टेस्ट के लिए 3 बार समन भेजा, लेकिन सीओ एक बार भी उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद निगरानी ने अदालत से संपर्क किया। सबूतों के आधार पर अदालत ने सीओ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया।

 

डीएसपी नरेंद्र कुमार के नेतृत्व में निगरानी की टीम बाजपट्टी स्थित सीओ के सरकारी आवास पहुंची। टीम ने जैसे ही गिरफ्तारी की बात कही तो सीओ प्रभात कुमार अंदर से दरवाजा बंद कर बैठ गए। इसके बाद करीब 6 घंटे तक आवास पर हाई-वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। निगरानी अधिकारियों ने कई बार दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन सीओ ने दरवाजा नहीं खोला। इलाके में भी लोगों की भीड़ जुट गई।

 

यह भी पढ़ें: सीवान: सांसद के फर्जी हस्ताक्षर और लेटरहेड से करता था फर्जीवाड़ा, क्लर्क सस्पेंड

कार्यपालक दंडाधिकारी की मौजूदगी में हुई गिरफ्तारी

मामला लंबा खिंचता देख पुपरी एसडीओ गौरव कुमार को सूचना दी गई। एसडीओ के निर्देश पर कृषि पदाधिकारी आशुतोष कुमार को कार्यपालक दंडाधिकारी नियुक्त कर मौके पर भेजा गया। कार्यपालक दंडाधिकारी की मौजूदगी में निगरानी टीम ने दरवाजा खुलवाया और सीओ प्रभात कुमार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद सीओ का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। इसके बाद निगरानी टीम उन्हें लेकर पटना के लिए रवाना हो गई। पटना में उनसे पूछताछ की जाएगी।

 

इस कार्रवाई में निगरानी के डीएसपी नरेंद्र कुमार के साथ इंस्पेक्टर सलाउद्दीन खान और सब इंस्पेक्टर सतीश कुमार भी शामिल थे। टीम ने सीओ के आवास और कार्यालय से कुछ जरूरी दस्तावेज भी जब्त किए हैं। निगरानी विभाग के अधिकारियों ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। रिश्वत मांगने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।