जिले के गड़हनी में पदस्थापित पशु चिकित्सालय के परिचारी शिवानंद कुमार सिंह के ठिकानों पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने बड़ी छापेमारी की। इस दौरान आय से 253 प्रतिशत अधिक करीब 1 करोड़ 66 लाख रुपये की संपत्ति का खुलासा हुआ है। निगरानी की टीम ने परिचारी के घर, कार्यालय और अन्य ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की। निगरानी अधिकारियों के मुताबिक शिवानंद गड़हनी अंचल स्थित पशु चिकित्सालय में परिचारी के पद पर कार्यरत हैं। उनकी वैध आय के हिसाब से इतनी संपत्ति होना संभव नहीं था। इसी सूचना के आधार पर निगरानी ब्यूरो ने जांच शुरू की और गुरुवार को छापेमारी की गई।

 

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पत्नी के नाम पर भी मिलीं 34 संपत्तियां 

छापेमारी में शिवानंद और उनकी पत्नी चांदनी सिंह के नाम पर कुल 34 संपत्तियां मिली हैं। इनमें मकान, जमीन और अन्य निवेश शामिल हैं। अधिकारियों ने इन संपत्तियों की अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 11 लाख 76 हजार 250 रुपये आंकी है। जांच में पता चला है कि परिचारी ने कई जमीनें और मकान अपने और पत्नी के नाम पर अलग-अलग जगहों पर खरीदे हैं। कुछ संपत्तियां हाल के वर्षों में ही खरीदी गई हैं। निगरानी टीम को छापेमारी के दौरान 3 वाहन भी मिले जिनमें एक चार पहिया और दो मोटरसाइकिल शामिल हैं। इन वाहनों की अनुमानित कीमत लगभग 17 लाख 24 हजार 187 रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा टीम ने बैंक खातों की भी जांच की। खातों में करीब 68 हजार 233 रुपये जमा पाए गए। अधिकारियों ने बैंक पासबुक, चेकबुक और अन्य वित्तीय दस्तावेज भी जब्त किए हैं। घर से नकदी भी बरामद की गई है जिसकी गिनती की जा रही है।

जमीन के दर्जनों कागजात जब्त

निगरानी टीम ने छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में जमीन से जुड़े कागजात भी जब्त किए हैं। इसमें 3 जमीन एग्रीमेंट, 15 जमीन के क्रय डीड, 12 जमीन के विक्रय डीड और एक मोर्टगेज डीड शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि इन कागजातों की जांच की जाएगी। इससे यह पता चल सकेगा कि संपत्तियां कब और कैसे खरीदी गईं। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि लेन-देन में किसी और का नाम तो शामिल नहीं है।

आय से 253 प्रतिशत अधिक संपत्ति

निगरानी ब्यूरो के अनुसार परिचारी शिवानंद की वैध आय के अनुसार उनके पास इतनी संपत्ति नहीं होनी चाहिए थी लेकिन जांच में जो संपत्ति मिली है वह उनकी ज्ञात आय से लगभग 253 प्रतिशत अधिक है। इसी आधार पर निगरानी टीम ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों ने कहा कि प्रारंभिक जांच में गड़बड़ी के स्पष्ट संकेत मिले हैं।

 

निगरानी के एक अधिकारी ने बताया कि अभी जांच पूरी नहीं हुई है। टीम अन्य बैंक खातों, निवेश और बेनामी संपत्तियों की भी पड़ताल कर रही है। संभावना है कि जांच आगे बढ़ने पर और खुलासे हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि निगरानी विभाग भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है। सरकारी कर्मचारियों को चेतावनी दी गई है कि वे अपनी आय के स्रोत का हिसाब रखें। गलत तरीके से कमाई गई संपत्ति किसी भी सूरत में नहीं बख्शी जाएगी।

 

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सरकारी कर्मचारियों में हड़कंप

इस कार्रवाई के बाद जिले के सरकारी कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। एक छोटे पद पर कार्यरत कर्मचारी के पास करोड़ों की संपत्ति मिलने से विभाग में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि परिचारी की जीवनशैली सामान्य नहीं थी। वह अक्सर महंगी गाड़ी से आते-जाते थे और जमीन की खरीद-बिक्री की भी चर्चा थी।

 

निगरानी ब्यूरो की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी पहल माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से सरकारी कर्मचारियों में जवाबदेही बढ़ेगी और गलत तरीके से संपत्ति बनाने वालों पर लगाम लगेगी। निगरानी टीम ने सभी जब्त दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया है। अब इनकी फोरेंसिक जांच और मूल्यांकन के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। परिचारी से भी पूछताछ की जा रही है।