बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद शराब तस्करी की कोशिश जारी है। उत्पाद विभाग की टीम ने जहानाबाद जिले में गया-पटना मुख्य मार्ग पर एक ट्रक से 50 लाख रुपये से अधिक की विदेशी शराब बरामद की। ट्रक में शराब छिपाने के लिए खास तहखाना बनाया गया था। कार्रवाई के दौरान ट्रक चालक समेत राजस्थान के दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के अधीक्षक दिलीप कुमार पाठक ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। शराब की खेप हरियाणा से पटना पहुंचाई जानी थी। विभाग अब इस पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटा है।
उत्पाद अधीक्षक को सूचना मिली थी कि हरियाणा से एक ट्रक में भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब लादकर पटना की तरफ लाई जा रही है। सूचना मिलते ही विभाग की टीम ने गया-पटना मुख्य मार्ग पर उमता धरणई के पास नाका लगाया और वाहन जांच शुरू की। इसी दौरान एक संदिग्ध ट्रक आता दिखाई दिया। जवानों ने ट्रक को रुकने का इशारा किया। चालक पहले तो भागने की कोशिश करने लगा लेकिन घेराबंदी के कारण उसे रुकना पड़ा।
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ट्रक में बना था स्पेशल कंपार्टमेंट
पुलिस ने जब ट्रक की तलाशी ली तो पहले कुछ नहीं मिला लेकिन तस्करों के पुराने तरीकों को देखते हुए जवानों ने ट्रक के अंदर बारीकी से जांच की। इसी दौरान ट्रक के बीच में बने एक गुप्त तहखाने का पता चला। तहखाने को लोहे की चादरों और सामान से ढककर रखा गया था। तहखाने को खोलते ही अंदर अंग्रेजी शराब की बोतलों की पेटियां रखी मिलीं। विभाग की टीम ने तुरंत ट्रक को जब्त कर लिया और उसे उत्पाद थाना परिसर लाया गया। वहां शराब की गिनती और जब्ती की प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों के अनुसार, ट्रक से विदेशी ब्रांड की शराब की भारी खेप बरामद हुई है। प्रारंभिक आकलन में शराब की कीमत 50 लाख रुपये से अधिक आंकी जा रही है।
कार्रवाई के दौरान ट्रक चालक प्रवीण सिंह और उसके सहयोगी राजेश कुमार मीणा को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे राजस्थान के रहने वाले हैं। प्रारंभिक पूछताछ में चालक ने बताया कि उसे हरियाणा से पटना तक ट्रक पहुंचाने के लिए 20 हजार रुपये देने की बात कही गई थी। उसने शराब छिपाए जाने की जानकारी होने से इनकार किया है। हालांकि पुलिस को उस पर भरोसा नहीं है। उत्पाद अधीक्षक ने बताया कि दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। उनसे यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि शराब किसने लोड कराई, इसे पटना में किसे डिलीवर करना था और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
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बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज खंगाल रही पुलिस
उत्पाद विभाग की टीम अब इस शराब तस्करी के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज पता करने में लगी है। यानी यह शराब हरियाणा में किसने दी और पटना में इसे किसे पहुंचाया जाना था। अधिकारियों का मानना है कि यह कोई छोटा रैकेट नहीं है। ट्रक में बना स्पेशल कंपार्टमेंट और इतनी बड़ी खेप इस बात का सबूत है कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह काम कर रहा है। विभाग ने ट्रक को जब्त कर लिया है और शराब को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। दोनों आरोपियों पर उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। बिहार में 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है। इसके बावजूद पड़ोसी राज्यों से शराब की तस्करी लगातार हो रही है। तस्कर हर बार नए-नए तरीके अपना रहे हैं। कभी सब्जी के ट्रक में, कभी टैंकर में तो कभी गुप्त तहखाना बनाकर शराब लाई जा रही है।
मालूम हो कि पिछले महीने भी पटना और गया जिले में उत्पाद विभाग ने कई जगहों पर छापेमारी कर लाखों रुपये की शराब बरामद की थी। इस दौरान कई तस्करों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बावजूद शराब तस्करी के मामले सामने आ रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शराब तस्करी में शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गाड़ी जब्त करने के साथ-साथ उनकी संपत्ति भी कुर्क की जा सकती है। फिलहाल उत्पाद विभाग दोनों गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटा है।
