बिहार के पूर्वी चंपारण में 25 लाख रुपये में एसडीओ का तबादला कराने के नाम पर रंगदारी मांगने वाले आरोपी को बिहार एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया है। खुद को समाजसेवी बताने वाले इस युवक को मोकामा के पास वंदे भारत एक्सप्रेस से दबोचा गया। गिरफ्तारी के बाद उसे आगे की कार्रवाई के लिए मोतिहारी पुलिस के हवाले कर दिया गया है।

 

मामला मोतिहारी सदर अनुमंडल में पदस्थापित एसडीओ अरुण कुमार से जुड़ा है। आरोपी ने व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के जरिए एसडीओ से संपर्क किया। उसने तबादला कराने का झांसा देकर 25 लाख रुपये की मांग की। रुपये नहीं देने पर एसडीओ को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई। लगातार आ रहे धमकी भरे मैसेज से परेशान होकर एसडीओ ने मोतिहारी साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने बताया कि आरोपी खुद को सरकार और बड़े अधिकारियों के करीबी बताकर पैसे की मांग कर रहा है।

डिजिटल जांच से खुला राज

 शिकायत के बाद साइबर थाना पुलिस ने मामले की तकनीकी जांच शुरू की। आरोपी के मोबाइल नंबर, व्हाट्सएप कॉल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। इसी दौरान आरोपी की लोकेशन और गतिविधियों का पता चला। जांच में सामने आया कि आरोपी ट्रेन से यात्रा कर रहा है। इसके बाद मामले की जांच बिहार एसटीएफ को सौंप दी गई। एसटीएफ की टीम ने तकनीकी इनपुट के आधार पर योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और मोकामा के पास वंदे भारत एक्सप्रेस में सवार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

 

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गिरफ्तार आरोपी की पहचान सीवान जिले के मैरवा निवासी राजन जायसवाल के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने खुद को समाजसेवी बताया है।

पूछताछ में खुल सकते हैं और राज

 एसटीएफ की गिरफ्तारी के बाद आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने अकेले इस साजिश को अंजाम दिया था या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह काम कर रहा है। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि राजन  ने इससे पहले भी किसी अन्य सरकारी अधिकारी या आम लोगों को निशाना बनाकर इसी तरह रंगदारी की मांग की है या नहीं। पुलिस आरोपी के मोबाइल, बैंक खाते और सोशल मीडिया अकाउंट की भी जांच कर रही है।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को मोतिहारी पुलिस के हवाले कर दिया गया है। उस पर रंगदारी, धमकी और साइबर अपराध के तहत मामला दर्ज किया गया है।

 

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एसडीओ ने जताया प्रशासन का आभार 

घटना के बाद एसडीओ अरुण कुमार ने कहा कि लगातार मिल रही धमकियों से वह परेशान थे। उन्होंने पुलिस और एसटीएफ की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के फर्जी लोगों से सावधान रहने की जरूरत है जो सरकारी पदाधिकारियों को निशाना बना रहे हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुटी है।