बिहार सरकार ने राज्य के सर्वोच्च कानूनी पद पर बड़ा फैसला लेते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सत्यदर्शी संजय को नया महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) नियुक्त किया है। गुरुवार को उन्होंने दोपहर 3 बजे औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण कर लिया। इसके साथ ही वे बिहार के 23वें महाधिवक्ता बन गए हैं और अब हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक सरकार के प्रमुख कानूनी सलाहकार और प्रतिनिधि की भूमिका निभाएंगे।
सत्यदर्शी संजय देश के प्रतिष्ठित वकीलों में गिने जाते हैं। वर्तमान में वह सुप्रीम कोर्ट में भारत सरकार के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। इससे पहले वे पटना हाई कोर्ट में भी केंद्र सरकार के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल रह चुके हैं।
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कई दशकों का अनुभव
कानूनी क्षेत्र में उनका अनुभव कई दशकों तक फैला हुआ है। उन्होंने संवैधानिक, प्रशासनिक और जनहित से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण मामलों में प्रभावशाली पैरवी की है। अदालतों में उनकी तार्किक दलीलों और कानूनी समझ को व्यापक सम्मान मिलता रहा है।
सरकार को बड़ी उम्मीदें
बिहार सरकार का मानना है कि सत्यदर्शी संजय की नियुक्ति से राज्य के कानूनी मामलों को नई दिशा मिलेगी। बदलते न्यायिक परिदृश्य में सरकार को ऐसे अनुभवी विधि विशेषज्ञ की आवश्यकता थी, जो जटिल मामलों में प्रभावी रणनीति के साथ राज्य का पक्ष मजबूती से रख सके। उनकी नियुक्ति को प्रशासनिक और कानूनी दृष्टि से एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पीके शाही के बाद नई जिम्मेदारी
सत्यदर्शी संजय ने यह जिम्मेदारी प्रशांत कुमार (पीके) शाही की जगह संभाली है। पीके शाही जनवरी 2023 में ललित किशोर के पद छोड़ने के बाद बिहार के 22वें महाधिवक्ता बने थे। वे इससे पहले भी इस पद पर रह चुके हैं और बाद में राज्य सरकार में शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। उच्च न्यायालयों में बिहार सरकार का पक्ष प्रभावी ढंग से रखने वाले पीके शाही को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का भरोसेमंद सहयोगी माना जाता रहा है। सत्ता परिवर्तन के बाद उनके पद छोड़ने के निर्णय ने राजनीतिक और कानूनी गलियारों में चर्चाओं को भी जन्म दिया।
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क्यों अहम है यह नियुक्ति?
महाधिवक्ता राज्य सरकार का सबसे बड़ा कानूनी सलाहकार होता है। सरकार की नीतियों, संवैधानिक मामलों, न्यायिक विवादों और महत्वपूर्ण मुकदमों में उसकी भूमिका बेहद अहम होती है। ऐसे में सत्यदर्शी संजय की नियुक्ति को सिर्फ एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि बिहार की कानूनी रणनीति को मजबूत करने वाले कदम के रूप में देखा जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि अपने व्यापक अनुभव और न्यायिक समझ के दम पर सत्यदर्शी संजय बिहार सरकार के कानूनी पक्ष को किस तरह नई मजबूती प्रदान करते हैं।


