बिहार के पूर्णिया में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने करीब चार करोड़ रुपये की स्मैक बरामद करते हुए गिरोह के कथित मुख्य सरगना, चालक और चार महिलाओं समेत छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, तस्कर पुलिस की नजर से बचने के लिए नया तरीका अपना रहे थे। वे गाड़ी में महिलाओं को साथ बैठाकर नशीले पदार्थों की खेप पहुंचाते थे ताकि किसी को शक न हो लेकिन पुलिस की सतर्कता से उनका यह प्लान फेल हो गया।
पुलिस के अनुसार, बरामद स्मैक की खेप पश्चिम बंगाल से लाकर कुर्सेला-टीकापट्टी के रास्ते रूपौली पहुंचाई जा रही थी। पुलिस ने रूपौली-टीकापट्टी मुख्य मार्ग पर घेराबंदी कर इस पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।
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कार की तलाशी में मिली स्मैक
अपर पुलिस अधीक्षक आलोक रंजन ने इस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन के निर्देश पर बनमनखी एसडीपीओ और धमदाहा एसडीपीओ प्रभारी शैलेश प्रीतम के नेतृत्व में पुलिस और दंडाधिकारी की विशेष टीम बनाई गई थी।
टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि पश्चिम बंगाल से स्मैक की बड़ी खेप रूपौली लाई जा रही है। सूचना के बाद विशेष टीम ने तीनटंगा मोड़ के पास रूपौली-टीकापट्टी मुख्य मार्ग पर गाड़ी जांच अभियान शुरू किया। इसी दौरान सामने से आ रही सफेद रंग की किआ कार संख्या बीआर-11बीएक्स-7042 को रोककर तलाशी ली गई। कार में दो पुरुष और चार महिलाएं बैठी थीं। पुलिस के अनुसार, कार की तलाशी के दौरान कुल 2130.90 ग्राम स्मैक बरामद किया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब चार करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके अलावा पुलिस ने 40,260 रुपये नकद, छह मोबाइल फोन और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही कार भी जब्त की है।
मोबाइल से मिले सबूत
पुलिस का कहना है कि जब्त मोबाइल फोन की जांच के दौरान बड़ी राशि के लेनदेन से जुड़े सबूत भी मिले हैं। कई संदिग्ध नंबरों पर लगातार बातचीत और यूपीआई ट्रांजेक्शन के सबूत मिले हैं। इसके आधार पर पुलिस तस्करी के पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह खेप कहां से लाई गई थी इसे किसे सप्लाई किया जाना था और इस रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों में रूपौली निवासी शेखर कुमार को पुलिस ने कथित मुख्य सरगना बताया है। वहीं रूपौली निवासी पुलिस मेहता के पुत्र विष्णु कुमार को कार का चालक बताया गया है। दोनों को पुलिस ने मौके से ही गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार चार महिलाओं की पहचान कटिहार जिले के कुर्सेला निवासी शांति देवी और शोभा देवी तथा पोठिया निवासी इंदु देवी और मीणा देवी के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में पता चला है कि महिलाओं को जानबूझकर साथ रखा जाता था ताकि पुलिस चेकिंग के दौरान परिवार जैसा माहौल लगे और किसी को शक न हो। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार शेखर कुमार का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ रूपौली थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत पहले भी कई मामले दर्ज हैं। वह पहले भी स्मैक तस्करी के मामले में जेल जा चुका है। जेल से निकलने के बाद उसने फिर से अपना नेटवर्क सक्रिय कर लिया था।
पुलिस अब उसके पुराने मामलों और वर्तमान तस्करी नेटवर्क के बीच संभावित कड़ियों की भी जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शेखर सीमांचल में स्मैक तस्करी का बड़ा नाम बन चुका था। वह पश्चिम बंगाल से सस्ते दाम पर स्मैक लाकर पूर्णिया, कटिहार, अररिया और मधेपुरा में ऊंचे दामों पर बेचता था।
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कुर्सेला-टीकापट्टी बना नया रूट
पुलिस के अनुसार, बरामद स्मैक की खेप पश्चिम बंगाल से लाई गई थी और इसे कुर्सेला-टीकापट्टी के रास्ते रूपौली पहुंचाया जा रहा था। यह रूट अब तस्करों के लिए नया कॉरिडोर बन गया है।पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और सीमांचल में फैले नेटवर्क की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन ने कहा है कि जिले में नशे के कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस नेटवर्क से जुड़े हर व्यक्ति तक पुलिस पहुंचेगी।
