हथियारों की काली मंडी के नाम से बदनाम बिहार का मुंगेर शहर एक बार फिर सुर्खियों में है। पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो सगे भाइयों के अवैध हथियार नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। मोटी कमाई के लिए घर से ही हथियारों की खरीद-बिक्री और सप्लाई का खेल चल रहा था। पुलिस की दबिश में चार देसी कट्टा, दो देसी बंदूक और 145 जिंदा कारतूस मिले हैं।
बता दें कि पूरबसराय थाना क्षेत्र के कमेला मोहल्ले में पुलिस ने छापेमारी कर हथियारों का जखीरा बरामद किया है। इतनी बड़ी मात्रा में हथियार मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। इस मामले में पुलिस ने भाई मोहम्मद इरशाद को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा भाई अरशद फरार है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
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छापेमारी के लिए बनी खास टीम
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कमेला मोहल्ले के एक घर में अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री और तस्करी का काम चल रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसपी सैयद इमरान मसूद ने तुरंत विशेष टीम गठित की। टीम ने योजना बनाकर घर की घेराबंदी की और तलाशी शुरू की। तलाशी के दौरान घर के अलग-अलग हिस्सों से एक के बाद एक हथियार निकलते चले गए।
पुलिस ने चार देसी कट्टा, दो देसी बंदूक और 145 जिंदा कारतूस जब्त किए। एसपी ने बताया कि बरामद हथियारों की संख्या को देखकर यह साफ है कि यह कोई छोटा-मोटा कारोबार नहीं था। बल्कि एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। गिरफ्तार इरशाद से पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं। पुलिस अब उन लोगों की पहचान कर रही है जिन्हें ये हथियार सप्लाई किए जाते थे।
आसपास के जिलों में होती थी हथियारों की आपूर्ति
शुरुआती जांच में पता चला है कि दोनों भाई काफी समय से इस अवैध धंधे से जुड़े थे। मुंगेर में बने देसी हथियारों को ये लोग आसपास के जिलों के साथ-साथ दूसरे राज्यों में भी सप्लाई करते थे। पुलिस को यह भी शक है कि बीते दिनों कमेला मोहल्ले में हुए एक आपसी विवाद को सुलझाने में भी इन हथियारों का इस्तेमाल हुआ था।
हालांकि पुलिस इस बिंदु पर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं कर रही। एसपी सैयद इमरान मसूद ने कहा कि मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि हथियार कहां बनते थे, इन्हें कौन सप्लाई करता था और खरीदार कौन-कौन हैं। बरामद कारतूसों की संख्या 145 है, जो बताता है कि आरोपी हथियारों के साथ कारतूस की भी बड़ी सप्लाई करते थे।
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अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस का अभियान तेज
एसपी ने कहा कि मुंगेर में हथियारों के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। कमेला मोहल्ले में हुई यह कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है। पुलिस ने फरार आरोपी अरशद के संभावित ठिकानों पर छापेमारी तेज कर दी है। उसके मोबाइल और संपर्कों को भी ट्रेस किया जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद नेटवर्क के कई और राज खुलेंगे।
इस कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चा तेज है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मोहल्ले में लंबे समय से हथियारों के कारोबार की चर्चा थी, लेकिन पुलिस ने अब जाकर बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि अगर उन्हें कहीं अवैध हथियारों की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी।
