हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) विधायक रामकुमार गौतम ने मेरिट पर नौकरी देने पर ही सवाल उठा दिए हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मेरिट से नौकरी देकर सबसे बड़ी गलती की। रामकुमार गौतम का मानना है कि नौकरी योग्यता के आधार पर नहीं, पार्टी के लिए मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं को मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर लोग मेरिट के पीछे पड़ेंगे, तो हमारी आधी आबादी खत्म हो जाएगी। उन्होंने वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को चेताया कि अगर उन्होंने भी मेरिट को तवज्जो दी, तो उनकी सरकार के खिलाफ भी एंटी-इनकंबेंसी यानी सरकार विरोधी लहर आनी लाजिम है।

 

रामकुमार गौतम हरियाणा के सफीदों से विधायक हैं। साल 2024 में उन्होंने जननायक जनता पार्टी (JJP) छोड़कर बीजेपी ज्वाइन की थी। रामकुमार गौतम ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि हर चीफ मिनिस्टर का धर्म है कि सबको उसका हक दें। उन्होंने कहा कि सरकार को मेरिट या डिमेरिट के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए। दिलचस्प है कि एक तरफ हरियाणा की बीजेपी सरकार का 'बिना पर्ची, बिना खर्ची' के नौकरी देने का दावा करती है, वहीं उनके विधायक अलग ही राग अलाप रहे हैं।

 

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'खट्टर साहब खुद लेकर नहीं आए थे एंटी-इनकंबेंसी'

मीडिया से बातचीत करते हुए विधायक रामकुमार गौतम ने कार्यकर्ताओं को हक देने की मांग की। उन्होंने कहा, 'नायब सिंह सैनी की सरकार के खिलाफ आगे कोई एंटी इनकंबेंसी न हो। मैं चाहता हूं कि सरकार में कोई एंटी-इनकंबेंसी न होने दे। जो कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने यह सरकार बनाई है, सहयोग दिया है। जो वोटर हैं, जिन्होंने वोट दिया है, आस्था रखते हैं इस सरकार में। इनको सरकार हक दे।'

रामकुमार गौतम ने कहा कि जब मनोहर लाल खट्टर की सरकार थी, तब मेरिट पर नौकरी देने की वजह से एंटी इनकंबेंसी आई थी। विधायक ने कहा, 'अभी पूरी बात नहीं कहना चाहता मैं। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो एंटी-इंकंबेंसी खट्टर साहब कोई सिर पर रखकर थोड़े आए थे। इसी तरीके से एंटी-इंकंबेंसी आई थी। अगर वो भी वक्त पर संभाल लेते, तो एंटी-इंकंबेंसी नहीं होती। अगर नायब सैनी नहीं संभालेंगे, तो एंटी-इंकंबेंसी लाजिम है।'

'मेरिट, क्या है मेरिट?'

रामकुमार गौतम ने मेरिट पर ही सवाल उठा दिए। उन्होंने कहा, 'ध्यान से सुनो सारे, हर राजा का धर्म है, हर चीफ मिनिस्टर का धर्म है कि सबको उसका हक दें। तरीका मेरिट से हो, डिमेरिट से हो। मेरिट, क्या है मेरिट? अगर मेरिट-मेरिट से आप नौकरी देते जाओगे, तो जिन लोगों ने आपकी सरकार बनाई है, जिन लोगों की आप पर आस्था है, उनके बच्चे बेरोजगार हो जाएंगे। क्या कर लेगी मेरिट? यह गलती थी खट्टर साहब की, सिर्फ मेरिट से नौकरी दी। अरे, उन लोगों को नहीं संभाला उन्होंने, जो पिछड़ गए, जिन्होंने राज का मुंह नहीं देखा। जिनके पास जमीन नहीं है, जो व्यापार नहीं करते। सबसे ज्यादा एंटी-इंकंबेंसी उनमें थी।'

 

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नायब सिंह सैनी को दिया यह सुझाव

रामकुमार गौतम ने वर्तमान मुख्यमंत्री को सुझाव दिया है। उन्होंने कहा, 'आज भी अगर नायब सिंह ने उनको नहीं संभाला, तो एंटी-इनकंबेंसी दूर नहीं होगी। अगर एंटी-इंकंबेंसी रोकनी है, तो जिन लोगों ने राज्य बनाया है, जिन कार्यकर्ताओं ने खून-पसीना बहाया है, जिन्होंने बीजेपी में आस्था रखकर वोट दिए हैं और दिलवाए हैं, उनके बेटे अगर ऐसे ही लावारिस फिरते रहे, तो एंटी-इनकंबेंसी रहेगी। मेरे ड्राइवर के चार भाई हैं। चारों के चारों ओवरएज हैं। मेरिट से पिछड़कर कुंवारे मरेंगे। इसका मतलब आधी आबादी हमारी खत्म हो जाएगी।'