पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बिजली चोरी की समस्या को खत्म करने के लिए अहम फैसला लिया है, जिसके तहत राज्य में स्मार्ट मीटर लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके विपरीत, जब शुभेंदु अधिकारी विपक्ष में थे, तब उन्होंने स्मार्ट मीटर और प्रीपेड मीटर का विरोध किया था। उनका मानना था कि स्मार्ट मीटर से लोगों की परेशानियां बढ़ेंगी। इसी वजह से 2025 में ममता बनर्जी की सरकार ने राज्य में स्मार्ट मीटर नहीं लगवाए थे। अब शुभेंदु अधिकारी ने बिजली विभाग को निर्देश दिया है कि जो लोग चोरी की बिजली का इस्तेमाल कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। शुभेंदु अधिकारी ने यह भी कहा कि जिन लोगों ने लंबे समय से बिजली बिल नहीं भरा है, उनसे जल्द से जल्द बकाया राशि की वसूली की जाए।

 

पिछले दिनों शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के बिजली विभाग की समीक्षा की थी, जहां उन्होंने बिजली विभाग से साफ शब्दों में कहा कि जो लोग बिजली के तारों में अवैध कटिया लगा रहे हैं, उनके घरों के बिजली कनेक्शन तुरंत काट दिए जाएं। अगर सत्ताधारी नेताओं के घरों में भी अवैध बिजली कनेक्शन मिले, तो उनके बिजली कनेक्शन काटने में कोई हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए। साथ ही शुभेंदु अधिकारी ने स्मार्ट मीटर लगवाने के निर्देश भी दिए।

 

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हर घर में स्मार्ट मीटर

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के हर घर में स्मार्ट मीटर लगाए जाएं। साथ ही राज्य में बिजली कटौती की समस्या भी खत्म होनी चाहिए। उनका मानना है कि राज्य में बिजली की कोई कमी नहीं है, इसलिए लोगों को लो-वोल्टेज की समस्या का सामना नहीं करना चाहिए।

 

इसके अलावा शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि जिन लोगों ने बिजली बिल नहीं भरा है, उन्हें नोटिस भेजा जाए, ताकि वे अपने बकाया बिजली बिल का भुगतान जल्द से जल्द कर दें। इन नीतियों के जरिए सरकार बिजली विभाग को हो रहे नुकसान को कम करना चाहती है।

 

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होगी पदों पर भर्ती

पश्चिम बंगाल के बिजली विभाग में इंजीनियरों की संख्या कम है। इसे लेकर शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार जल्द ही बिजली विभाग में इंजीनियरों की भर्ती करेगी। यह भर्ती पश्चिम बंगाल लोक सेवा आयोग के माध्यम से की जाएगी। साथ ही शुभेंदु अधिकारी ने कर्मचारियों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अधिकारियों के तबादले के निर्देश दिए हैं। इसके मुताबिक, जो कर्मचारी लंबे समय से एक ही क्षेत्र में काम कर रहे हैं, उनका ट्रांसफर किया जाएगा।