महाराष्ट्र के कल्याण शहर में साइबर ठगों ने एक रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी को पेंशन संबंधी जानकारी अपडेट करने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी कर ली। आरोपी ने खुद को मंडल रेल प्रबंधक डी आर एम में कार्यालय का कर्मचारी बताया और पेंशन भुगतान आदेश पी पीओ नंबर के वेरिफिकेशन के नाम पर पीड़ित का भरोसा जीत लिया।
पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी कि बातचीत के दौरान ठगों ने पीड़ित के मोबाइल फोन तक पहुंच बना ली और कथित तौर पर उसका फोन हैक कर बैंक खाते से करीब सात लाख रुपये निकाल लिए। घटना का पता चलने पर पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की जिसके बाद साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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कैसे ठगी को अंजाम देते थे ठग?
यह घटना पांच मई की है। उस दिन शिकायतकर्ता को एक व्यक्ति का फोन आया जिसने खुद को मंडल रेल प्रबंधक डी आर एम कार्यालय का कर्मचारी बताते हुए उनसे पेंशन भुगतान करने के लिए पी पी ओ नंबर का वेरिफिकेशन करने को कहा। जब शिकायतकर्ता की बेटी ने फोन करने वाले व्यक्ति से कहा कि पेंशन संबंधी फाइल फिलहाल उपलब्ध नहीं है और वह उसे अपने पिता के साथ मुंबई स्थित कार्यालय भेज देगी तो संदिग्ध ने कथित तौर पर फोन काट दिया। इसके बाद शिकायतकर्ता को पता चला कि उनके बैंक खाते से बिना उनकी अनुमति और बिना किसी बैंक संबंधी जानकारी साझा किए सात लाख रुपये धोखाधड़ी से निकाल लिए गए।
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पुलिस अधिकारी ने क्या बताया ?
अधिकारी ने बताया कि संदेह है कि बातचीत के दौरान साइबर ठगों ने शिकायतकर्ता का मोबाइल फोन हैक कर लिया। जिससे उन्हें उसके बैंक संबंधी विवरण तक पहुंच मिल गई। उन्होंने बताया कि इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) धोखाधड़ी तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और मामले की जांच की जा रही है।
