उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में मौजूद सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में एक सब-इंस्पेक्टर ने भारी हंगामा काट दिया। दरोगा अपने चार साथियों के साथ में जबरन पॉलिटेक्निक कॉलेज के एग्जामिनेशन कंट्रोल ऑफिस में घुस गया। उसने अपने साथियों के साथ में ऑफिस में तोड़फोड़ की और स्टाफ के साथ मारपीट की। साथ ही उसने कर्मचारियों और शिक्षकों को धमकाया भी। यह पूरा मामला सीसीटीवी में कैद हो गया है।

 

दरअसल, 4 जून को सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में सिविल इंजीनियरिंग के फाइनल ईयर के एग्जाम चल रहे थे। दरोगा का बेटा भी इसी एग्जाम में परीक्षा दे रहा था। परीक्षा देते समय दरोगा का बेटा नकल कर रहा था, इतने में एक शिक्षक ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।

 

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कॉलेज ने क्या बताया?

फैकल्टी मेंबर्स के मुताबिक, सिविल इंजीनियरिंग के फाइनल ईयर के छात्र कबीर कंडवाल को 4 जून को दूसरे छात्रों से बात करने की कोशिश करने पर निरीक्षकों ने उसे डांटा था। बाद में उसे लिखित में सफाई देने को कहा गया। 

शिक्षकों को बुरे नतीजे भुगतने की धमकी

इस घटना के एक दिन बाद 5 जून को, कबीर अपने दरोगा पिता महेश कंडवाल और उसके साथियों के साथ परिसर में आया और एग्जाम कंट्रोल रूम में घुस गया। कॉलेज प्रिंसिपल अविनाश जैन ने कहा, 'स्टाफ के साथ मारपीट और ऑफिस में तोड़फोड़ की गई और शिक्षकों को बुरे नतीजे भुगतने की धमकी दी गई। इस झगड़े में चार फैकल्टी मेंबर्स को चोटें आईं।'

 

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एसएसपी ने दरोगा पर कार्रवाई की

उन्होंने बताया कि हम विभाग को घटना की पूरी जानकारी देंगे और छात्र के खिलाफ डिसिप्लिनरी कार्रवाई करने के लिए सिफारिश करेंगे। मामला सामने आने के बाद देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पॉलिटेक्निक कॉलेज में हुई घटना के बाद दरोगा महेश कंडवाल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।

 

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, एसएसपी ने इस आचरण को पद की गरिमा के पूरी तरह खिलाफ मानते हुए कंडवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया है। उन्होंने बताया कि कॉलेज प्रशासन और दरोगा, दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।