दिवाली से एक दिन पहले शनिवार शाम को दिल्ली में प्रदूषण का स्तर पिछले 10 साल के सबसे खराब स्तर पर पहुंच गया। आज हालात और भी खराब होने की आशंका है। दूसरी ओर शनिवार को पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाएं इस सीजन के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गईं। इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाईजेशन ISRO के सैटेलाइट से मिली जानकारी के अनुसार, लगातार 10वें दिन पराली जलाने के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई।


शनिवार को शाम के बाद हवा शांत हो गई और रात 8 बजे पटाखे जलाने का समय शुरू होने के दो घंटे के भीतर ही, शहर की हवा पिछली रात के मुकाबले 30 फीसदी ज्यादा प्रदूषित हो गई। यह सब तो दिवाली की रात से पहले ही हो गया, जब शहर में सबसे ज्यादा पटाखे जलाए जाते हैं। 

 

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AQI 369 पर पहुंचा 

शनिवार शाम 4 बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 369 था, जो सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के 0-500 के पैमाने पर 'बहुत खराब' की श्रेणी में आता है। 2016 के बाद से दिवाली से एक दिन पहले का यह सबसे खराब स्तर है, उस समय AQI 404 था। पिछले 24 घंटों का औसत बताने वाला यह इंडेक्स 1 नवंबर को 261 था, जो अब बढ़कर 369 हो गया है। शनिवार सुबह प्रदूषण का स्तर सबसे पहले बढ़ा। 

 

वहीं सुबह 10 से 11 बजे के बीच, दिल्ली के 59 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर PM2.5 (हवा में मौजूद बहुत बारीक कण जो फेफड़ों में गहराई तक जा सकते हैं) का औसत स्तर 295 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया। इनमें से 36 स्टेशनों पर यह स्तर 250 से ऊपर था, जो CPCB के अनुसार PM2.5 के लिए 'गंभीर' श्रेणी की शुरुआत है। 

कहां कितना प्रदूषण? 

शनिवार की दोपहर इस हफ्ते में सबसे बेहतर रही, क्योंकि हवा में प्रदूषण को फैलने के लिए मिलने वाली जगह (मिक्सिंग लेयर) चार दिनों तक सामान्य से आधी रहने के बाद फिर से सामान्य स्तर पर पहुंच गई। मिक्सिंग लेयर कम होने का मतलब है कि प्रदूषण फैलने के लिए हवा में कम जगह बचती है। हालांकि, इसके बावजूद शनिवार को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक हर घंटे प्रदूषण का स्तर शुक्रवार के मुकाबले ज्यादा रहा।

 

शाम होते ही पटाखे जलने शुरू हो गए। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के आधार पर दिल्ली के 55 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर शनिवार शाम 7:45 बजे PM2.5 का औसत स्तर 177 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर था। रात 8 बजे यह बढ़कर 208 हो गया। इसके बाद हर 15 मिनट में प्रदूषण का स्तर बढ़ता रहा और रात 10 बजे तक 289 पर पहुंच गया। वहीं, शुक्रवार को इसी समय के दौरान PM2.5 का स्तर 202 से 229 के बीच रहा था। शनिवार शाम प्रदूषण में हुई इस बढ़ोतरी की जानकारी रविवार को जारी होने वाले बुलेटिन में भी सामने आएगी।

 

प्रदूषण में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी पंजाबी बाग जैसे रिहायशी इलाकों में देखने को मिली। यहां महज एक घंटे में PM2.5 का स्तर करीब तीन गुना हो गया। शाम 7 बजे यह 208 था, जो रात 8 बजे बढ़कर 593 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पहुंच गया। इसी तरह आरके पुरम में रात 9 बजे PM2.5 का स्तर 621 दर्ज किया गया। यह शुक्रवार को इसी समय दर्ज स्तर से दोगुने से भी ज्यादा था। 

 

शुक्रवार को रात 9 बजे किसी भी मॉनिटरिंग स्टेशन पर PM2.5 का स्तर 400 के पार नहीं था, जबकि शनिवार को 9 स्टेशनों पर यह 400 से ज्यादा दर्ज किया गया। रात 10 बजे तक तो आधे मॉनिटरिंग स्टेशनों पर PM2.5 का स्तर 250 से ज्यादा हो गया था। वहीं, मुंडका में प्रदूषण का स्तर 718 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया।