दिल्ली के सीमापुरी इलाके में बुधवार को चार मंजिला इमारत ढह गई। इस हादसे में अब तक गर्भवती महिला और एक बच्चे समेत 4 लोगों की मौत हो गई है। बचाव दल को इमारत के मलबे से एक और लाश मिली है। मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई। ऑपरेशन में मदद के लिए मौके पर रेस्क्यू मशीनरी तैनात की गई है। एम्बुलेंस, दिल्ली फायर सर्विस के लोग, दिल्ली नगर निगम (MCD) के अधिकारी और दूसरी एजेंसियों के लोग मौके पर मौजूद हैं। 

 

इस हादसे के बाद मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और घायलों को तुरंत मेडिकल मदद देने की पूरी कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों को करीबी तालमेल बनाए रखने, बचाव के कामों में तेजी लाने और प्रभावित लोगों के लिए सभी जरूरी मदद और देखभाल पक्का करने का निर्देश दिया है। 

 

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कैसे हुआ हादसा?

बताया जा रहा है कि यह इमारत 15 से 20 साल पुरानी थी। शुरुआत में मकान दो मंजिल का था, लेकिन पिछले साल उसके ऊपर दो और मंजिलें बना दी गईं। दावा किया जा रहा है कि इमारत से सटे हिस्से में पिछले कुछ समय से तोड़फोड़ का काम चल रहा था। इसके चलते जर्जर मकान की नींव और दीवारों पर असर पड़ा और उसकी स्थिति और कमजोर हो गई। वहीं, कुछ लोग इसके पीछे की वजह भूकंप बता रहे हैं।    

बताया जा रहा है कि मंगलवार रात आए भूकंप के बाद मकान में कई जगह दरारें आ गई थीं। इसे देखते हुए मकान मालिक ने इमारत खाली कराने की तैयारी शुरू कर दी थी। पूरी तरह से मकान खाली करने से पहले ही बुधवार दोपहर करीब 3:10 बजे मकान का अगला हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। कुछ ही पलों में पूरा ढांचा मलबे में बदस गया। शाहदरा के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) राजेंद्र प्रसाद मीणा ने कहा कि गिरा हुआ स्ट्रक्चर चार मंज़िला बिल्डिंग था और रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है।

DCP ने क्या बताया? 

डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) राजेंद्र प्रसाद मीणा के मुताबिक, 'हमें दोपहर 3:40 PM पर जानकारी मिली। यह चार मंज़िला बिल्डिंग है, जिसका एरिया 25 स्क्वायर यार्ड है। अब तक 7 लोगों को बचाया गया है। वे खतरे से बाहर हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। सभी एजेंसियां ​​मौके पर मौजूद हैं, एम्बुलेंस और दिल्ली फायर सर्विस के कर्मचारी तैनात हैं। MCD के अधिकारी, DM और सभी लोग मौके पर मौजूद हैं।'