हरियाणा में मेडिकल रजिस्ट्रेशन लाइसेंस का समयावधि में रजिस्ट्रेशन न करवाने वाले 4 हजार डॉक्टर्स का काउंसिल रिकॉर्ड खंगाल रही है। बिना लाइसेंस रिन्यू करवाए कई डॉक्टर्स सरकारी व निजी अस्पतालों में मरीजों का उपचार कर रहे हैं। ऐसे में काउंसिल इन डॉक्टर्स की सूची तैयार कर रही है। ये सूची स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक के पास सौंपी जाएगी।
हरियाणा मेडिकल काउंसिल के चेयरमैन डॉ. सतीश ने बताया कि इन डॉक्टर्स पर तो कार्रवाई होगी ही, साथ ही उन अस्पतालों पर भी कार्रवाई की जाएगी, जो बिना लाइसेंस वाले डॉक्टर्स की सेवाएं ले रहे हैं। बता दें कि हरियाणा में वर्तमान में करीब 37 हजार के करीब डॉक्टर्स ही मेडिकल काउंसिल में रजिस्टर्ड हैं।
हर पांच साल में रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होता है, ताकि रिकॉर्ड अपडेट रहे कि प्रदेश में कितने रजिस्टर्ड डॉक्टर हैं। लाइसेंस रिन्यूवल की निगरानी और अस्पतालों की जवाबदेही तय करने की ये पहल केवल प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि मरीजों के हितों से भी जुड़ी है। रजिस्टर्ड डॉक्टर्स की उपलब्धता सुनिश्चित होने से स्वास्थ्य व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ती है।
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गलत दस्तावेज पर रजिस्ट्रेशन पर भी कार्रवाई
गलत दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्रेशन करवाने वाले डॉक्टर्स के खिलाफ भी मेडिकल काउंसिल कार्रवाई करने की तैयारी में है। ऐसे कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं, जिनमें पुलिस केस दर्ज हुए हैं। इसी के चलते मेडिकल काउंसिल अब पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन कर रही है। रजिस्ट्रेशन संबंधी जानकारी ई-मेल और व्हाट्सएप पर उपलब्ध करवाई जा रही है।
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प्रेक्टिस करने वाले डॉक्टर्स का भी खंगाला जा रहा रिकॉर्ड
बिना लाइसेंस रिन्यू करवाए प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर्स पर भी मेडिकल काउंसिल शिकंजा कसने जा रही है। ऐसे डॉक्टर्स का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। इन पर जुर्माने के साथ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। स्वास्थ्य सेवाओं को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से भी मेडिकल काउंसिल इन डॉक्टर्स का रिकॉर्ड ऑलाइन कर रही है।
