प्रेग्नेंसी (गर्भावस्था) के दौरान होने वाली गंभीर जटिलता प्रीक्लेम्पसिया पर रिसर्च कर हिमाचल प्रदेश की डॉक्टर अंबिका शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनके इस शोध कार्य को मान्यता देते हुए दक्षिण कोरिया की कोरियन डायबिटीज एसोसिएशन ने उन्हें प्रतिष्ठित ट्रैवल अवार्ड से सम्मानित किया है।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने डॉ. अंबिका की इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी है। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था में होने वाली गंभीर बीमारी प्रीक्लेम्पसिया पर उनका शोध कार्य बहुत सराहनीय है। यह हिमाचल के लिए गर्व की बात है और प्रदेश के युवाओं के लिए भी एक प्रेरणा है।
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क्या है प्रीक्लेम्पसिया?
प्रीक्लेम्पसिया गर्भावस्था की एक गंभीर स्थिति है, जिसमें आमतौर पर गर्भावस्था के 20वें सप्ताह के बाद महिला का ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। शरीर के दूसरे अंगों, खासकर किडनी आदि पर असर पड़ सकता है। समय रहते इसकी पहचान और उपचार न होने पर यह मां और गर्भस्थ शिशु दोनों के लिए गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकती है। यही वजह है कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रीक्लेम्पसिया की समय रहते पहचान, जोखिम का आकलन और बेहतर प्रबंधन महत्वपूर्ण शोध विषय है।
इसी चुनौती पर डॉ. अंबिका का शोध
हमीरपुर की रहने वालीं डॉ. अंबिका शर्मा ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रीक्लेम्पसिया जैसी गंभीर जटिलता को अपने शोध का विषय बनाया। उनके इसी शोध कार्य को अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक समुदाय के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिला और अब दक्षिण कोरिया की कोरियन डायबिटीज एसोसिएशन ने उनके शोध कार्य के लिए ट्रैवल अवार्ड प्रदान किया है।
पहले भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पहुंचा शोध
डॉ. अंबिका शर्मा के शोध को इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मंच मिल चुका है। भारत सरकार की ओर से उन्हें दो प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय ट्रैवल ग्रांट प्रदान किए गए। इनकी मदद से उन्होंने बार्सिलोना में ESCMID Global और वियना, ऑस्ट्रिया में आयोजित अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन में अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए।
दक्षिण कोरिया में मिला ट्रैवल अवार्ड इस कड़ी में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह सम्मान खास तौर पर इसलिए अहम है क्योंकि उनका शोध मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य जैसे सीधे तौर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े विषय पर केंद्रित है।
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हिमाचल की बेटी की शोध यात्रा
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने डॉ. अंबिका शर्मा को बधाई देते हुए कहा कि हिमाचल के लिए यह गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक मंचों पर हिमाचल के युवाओं की उपलब्धियां प्रदेश की प्रतिभा को नई पहचान देती हैं और अन्य युवाओं को शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।
