दिल्ली यूनिवर्सिटी के दौलत राम कॉलेज की 32 साल की असिस्टेंट प्रोफेसर देवस्मिता पॉल की उनके फ्लैट में हत्या कर दी गई है। यह वारदात ईस्ट दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव की 'अभिमान अपार्टमेंट' सोसाइटी में हुई। पुलिस की जांच मुख्य रूप से उनके अलग रह रहे पति पर टिकी है जिससे उनका विवाद चल रहा था। हालांकि, पति का दावा है कि मर्डर के समय वह पुणे में था। पुलिस अब पति के इस दावे की जांच करने के साथ-साथ सीसीटीवी में दिखे चार अनजान संदिग्धों की तलाश में जुट गई है। इसके अलावा पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह बदला लेने के लिए किया गया मर्डर है या फिर इसके लिए किसी कॉन्ट्रैक्ट किलर की मदद ली गई थी।

 

यह वारदात बुधवार को हुई थी। जांच के दौरान पुलिस ने जब सोसाइटी के सीसीटीवी कैमरों को खंगाला तो उन्हें चार अनजान लोग दिखाई दिए। अब ये चारों ही पुलिस के सबसे बड़े संदिग्ध हैं। सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक बुधवार दोपहर 1 बजे से शाम 6 बजे के बीच एक ऐप आधारित कैब सोसाइटी में आई थी जिससे दो अनजान पुरुष उतरे थे। पुलिस का अनुमान है कि मर्डर इसी समय के दौरान हुआ है। इन दो पुरुषों के अलावा सीसीटीवी में एक और जोड़ा भी दिखाई दिया है जिन्होंने अपने चेहरे पर मास्क लगा रखा था।

 

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सोसाइटी के गार्ड्स की लापरवाही

जांच में पता चला कि सोसाइटी के मेन गेट पर सुरक्षा की भारी कमी थी। गार्ड्स आने-जाने वाले लोगों का रिकॉर्ड ठीक से नहीं रखते थे। सीसीटीवी में दिख रहे उन चारों अनजान लोगों का नाम गार्ड्स के एंट्री रजिस्टर में कहीं नहीं लिखा था। गार्ड्स ने पुलिस को बताया कि वे अक्सर डिलीवरी बॉयज के अलावा बाकी विजिटर्स को भी बिना किसी पूछताछ या बिना आईडी चेक किए अंदर जाने देते थे। गार्ड्स ने यह भी बताया कि मास्क पहने हुए जोड़े में आदमी आगे चल रहा था और औरत उसके पीछे थी। उन्होंने गार्ड्स से एक फ्लैट का रास्ता भी पूछा था। 

13 संदिग्धों में से 4 की तलाश जारी

पुलिस ने शुरुआत में 13 ऐसे लोगों की लिस्ट बनाई थी जो मर्डर के समय सोसाइटी के अंदर मौजूद थे और जिनकी मूवमेंट अजीब लग रही थी। पुलिस ने इनमें से 9 लोगों की पहचान कर ली और उनसे लंबी पूछताछ की। पूछताछ के बाद पुलिस ने उन 9 लोगों को छोड़ दिया क्योंकि मर्डर में उनका कोई हाथ नहीं था। बाकी बचे 4 लोग यानी कैब से आए दो आदमी और मास्क पहना हुआ वह जोड़ा अभी भी गायब हैं। पुलिस की कई टीमें उनकी पहचान करने और उन्हें पकड़ने में जुटी हैं।

 

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खुला हुआ था लैपटॉप

जब पुलिस टीम देवस्मिता के फ्लैट के अंदर गए तो वहां उनका लैपटॉप खुला हुआ मिला। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, देवस्मिता मर्डर से ठीक पहले अपने किसी एजुकेशनल प्रोग्राम या कॉलेज के काम की तैयारी कर रही थीं। काम के दौरान ही उनका लैपटॉप 'स्लीप मोड' में चला गया था। इससे साफ पता चल रहा था कि कातिल ने उन पर बहुत अचानक हमला किया था। देवस्मिता को संभलने बचाव करने या शोर मचाने का बिल्कुल भी मौका नहीं मिला। पुलिस अब कातिल का सुराग खोजने के लिए उस लैपटॉप की फॉरेंसिक जांच कर रही है।