बिहार के खगड़िया जिले के गोगरी थाना क्षेत्र के जमालपुर बाजार में पुलिस ने फर्जी IAS यानी इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस मनीष कुमार गुप्ता को पकड़ा है। एसपी भानु प्रताप सिंह के निर्देश पर डिस्ट्रिक्ट इंटेलिजेंस यूनिट (DIU), गोगरी डीएसपी चंदन ठाकुर और गोगरी थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर मनीष के घर पर छापा मारा। पुलिस की टीम जब उसके घर पहुंची तो बाहर दो बहुत महंगी गाड़ियां खड़ी थीं।
दोनों गाड़ियों पर 'भारत सरकार' का बोर्ड लगा हुआ था। एक काले रंग की टेस्ला ईवी कार थी जिसका नंबर DL9CBN9002 था और दूसरी सफेद सफारी कार थी जिसका नंबर DL3CAX4911 था। पुलिस के पूछने पर मनीष ने दोनों गाड़ियों को अपना बताया लेकिन गाड़ियों पर 'भारत सरकार' का बोर्ड लगाने की कोई सही वजह नहीं बता पाया। इसी बात पर पुलिस को उस पर शक हुआ और घर की तलाशी शुरू कर दी गई। छापेमारी के दौरान घर के बाहर मिले मनीष ने पुलिस के सामने खुद को आईएएस अधिकारी बताया। उसने अपने मोबाइल फोन में एक पहचान पत्र भी दिखाया। पुलिस ने तुरंत उसका प्रिंट आउट निकलवाकर अपने पास रख लिया।
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पूछताछ तब और गंभीर हो गई जब मनीष ने खुद को देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल का अंडरकवर एजेंट बताया। पुलिस ने जब इसकी शुरुआती जांच की तो उसका यह दावा पूरी तरह झूठा निकला। गोगरी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने मनीष के खिलाफ नाम के साथ मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि उसने अपनी इस झूठी पहचान से अब तक कितने लोगों को बेवकूफ बनाया है।
पुलिस की तलाशी में मिला सामान
तलाशी के दौरान पुलिस को उसके घर से अलग-अलग बैंकों के 20 क्रेडिट कार्ड और करीब 80 डेबिट कार्ड मिले। इसके अलावा 4 बैंकों की चेकबुक, दो वीआईपी पास और घर में लगे 11 कैमरें भी जब्त की गई है। पुलिस का कहना है कि इतने सारे बैंक कार्ड और चेकबुक का इस्तेमाल लोगों के साथ ठगी करने या गलत काम के लिए किया जाता होगा।
घर के अंदर से पुलिस को बारहसिंघा के दो सींग भी मिले जिन्हें नियम के खिलाफ होने के कारण जब्त कर लिया गया और वन विभाग को बता दिया गया। इसके अलावा घर से शराब मिलने की बात भी सामने आई है। आसपास के लोगों का कहना है कि मनीष ने बाजार के पास बड़ा मकान बना रखा था और वह लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देता था। पुलिस अब उसके सभी कागजों और बैंक खातों की जांच कर रही है।
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नेटवर्क की जांच जारी
डीएसपी ने बताया कि आरोपी से पूछताछ चल रही है। शुरुआती जांच में पता चला है कि वह खुद को बड़ा अधिकारी बताकर लोगों को प्रभावित करता था। पुलिस यह पता लगा रही है कि उसने किन-किन लोगों से ठगी की है और इन गाड़ियों व कार्डों का इस्तेमाल कहां हुआ। एसपी भानु प्रताप सिंह ने कहा कि फर्जी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
