उत्तर प्रदेश के अयोध्या के राम मंदिर चंदे की चोरी की विवाद अभी शांत भी नहीं हुई थी कि अब मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर के चढ़ावे को लेकर भी बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। हिंदूवादी नेता दिनेश फलाहारी महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने खून से एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मस्थान में आने वाले चढ़ावे की CBI जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि मंदिर में चढ़ावे के रूप में आने वाले सोने, चांदी और नकदी में पिछले कई वर्षों से बड़े पैमाने पर हेराफेरी की जा रही है।
खून से लिखी इस चिट्ठी के सामने आने के बाद धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। फलाहारी बाबा ने सीधे तौर पर मंदिर प्रबंधन से जुड़े लोगों को निशाने पर लिया है। उनका कहना है कि इस पूरे खेल की उच्च स्तरीय जांच होनी बेहद जरूरी है, क्योंकि यह देश-विदेश के करोड़ों सनातनियों की आस्था और उनके द्वारा दिए गए दान से जुड़ा हुआ बेहद संवेदनशील मामला है।
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फलाहारी महाराज का पत्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे पत्र में दिनेश फलाहारी महाराज ने मंदिर प्रशासन पर बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि जब भी मंदिर की दानपेटियां खोली जाती हैं तो वहां लगे CCTV कैमरों को सोची-समझी साजिश के तहत जानबूझकर बंद कर दिया जाता है। इसके बाद दान में आए कैश, सोने-चांदी के आभूषणों और कीमती हीरों को बर्बाद कर दिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों से मंदिर से लगातार चांदी चोरी छिपे गायब की जा रही है।
फलाहारी बाबा ने मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्यों की जीवनशैली पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि जो लोग कुछ समय पहले तक बेहद साधारण जीवन जीते थे और स्कूटर से चलते थे आज वे करोड़ों रुपये की लग्जरी गाड़ियों में घूम रहे हैं। उनके पास आलीशान बंगले, कोठियां और फार्महाउस हैं। यही नहीं, घोटाले की इस काली कमाई से उत्तराखंड में भी बड़े पैमाने पर कीमती जमीनें खरीदी गई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने इस पर तुरंत कड़ा एक्शन नहीं लिया तो वह न्याय के लिए प्रयागराज हाई कोर्ट में याचिका दायर करेंगे।
