उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में सर्राफा कारोबारी को कथित तौर पर झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर धन उगाही करने के मामले में चार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई है। आरोप है कि तिलहर थाने में तैनात चार सिपाहियों ने कारोबारी को स्मैक तस्करी के मामले में फंसाने की धमकी दी और उसे पुलिस चौकी में प्रताड़ित कर परिजनों से पैसे वसूले।

 

पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित के मुताबिक, जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद चारों सिपाहियों को निलंबित किया गया था। बाद में जांच पूरी होने पर उन्हें बर्खास्त कर दिया गया। इनमें से दो सिपाहियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो अन्य फरार हैं।

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क्या है पूरा मामला?

पीड़ित सुंदरम जलालाबाद के रहने वाले सर्राफा कारोबारी हैं। उन्होंने 6 सितंबर में जलालाबाद में मामले की शिकायत दर्ज कराई थी। सुंदरम का आरोप है कि तिलहर थाने में तैनात सिपाही वीरेंद्र कुमार, पंकज कुमार, अरुण कुमार और तुषार कुमार उन्हें जलालाबाद से पकड़कर तिलहर थाने की एक पुलिस चौकी में ले गए। आरोप है कि चौकी में सिपाहियों ने उन्हें स्मैक तस्कर बताते हुए झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी और उनसे पैसों की मांग की। सुंदरम के मुताबिक, जब उनके परिजन चौकी पहुंचे और पुलिसकर्मियों को धनराशि दी, तब उन्हें छोड़ दिया गया।

जांच में क्या सामने आया?

पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने बताया कि चारों आरोपी सिपाहियों को जांच अधिकारी के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया था। हालांकि, वे जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद उनके घरों पर भी नोटिस भेजे गए। जांच के दौरान वॉयस रिकॉर्डिंग, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की गई। पुलिस के मुताबिक, इन साक्ष्यों के आधार पर चारों सिपाहियों की धन उगाही में संलिप्तता की पुष्टि हुई।

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दो गिरफ्तार तो दो फरार

जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद चारों सिपाहियों को पुलिस विभाग से बर्खास्त कर दिया गया। इनमें से वीरेंद्र कुमार और पंकज कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अरुण कुमार और तुषार कुमार फरार बताए जा रहे हैं।

एसपी ने क्या कहा?

एसपी सौरभ दीक्षित ने कहा कि पुलिस विभाग में इस तरह के कृत्य को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी थाने में पुलिसकर्मियों द्वारा धन उगाही या रिश्वत लेने की शिकायत सामने आती है और जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।