हरियाणा के कुरुक्षेत्र के एक अस्पताल में नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न का केस सामने आया था। आरोप डॉक्टर पर ही लगे तो जमकर हंगामा हुआ। इसी के बाद हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया भी अस्पताल पहुंची थीं और नर्सिंग स्टाफ को जमकर फटकारा था। उन्होंने महिला स्टाफ से कहा था कि अगर उनकी बेटियों को अकेले कमरे में छोड़ दिया जाए तो क्या होगा। इसी को लेकर नर्सों ने विरोध प्रदर्शन किया। अब रेनू भाटिया ने महिला आयोग की अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के बाद भी उन्होंने कहा है कि वह अपने बयान के लिए माफी नहीं मांगेंगी।
इसी केस में सिविल अस्पताल के 62 वर्षीय डॉक्टर को 15 वर्षीय लड़की के यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। रेनू भाटिया इस डॉक्टर की गिरफ्तारी के बाद कुरुक्षेत्र के LNJP अस्पताल पहुंचीं थी। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है जिसमें वह अस्पताल के अधकारियों से सवाल-जवाब कर रही हैं। उन्होंने कथित लापरवाही के लिए अस्पताल की नर्सों और अधिकारियों को फटकार लगाई थी। रेनू भाटिया ने पूछा था कि आखिर नाबालिग बच्ची को एक अकेले डॉक्टर के साथ कैसे छोड़ दिया गया?
नर्सों ने जताया था विरोध
इसी को लेकर नर्सों ने विरोध जताया और वे अस्पताल में ही धरने पर बैठ गई थीं। नर्सिंग असोसिएशन ने भी रेनू भाटिया का इस्तीफा मांगा था और पूरे हरियाणा में 2 घंटे के लिए काम ठप कर दिया था। ऑल इंडिया गवर्नमेंट नर्स फेडरेशन ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को एक चिट्ठी लिखी थी और रेनू भाटिया को बर्खास्त करने की मांग की थी। साथ ही, यह भी कहा था कि अगर रेनू भाटिया के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है तो बुधवार और गुरुवार को पूरे दिन की हड़ताल की जाएगी।
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रेनू भाटिया ने मंगलवार को ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को अपना इस्तीफा सौंप दिया। चार साल से ज्यादा समय तक आयोग की मुखिया रहीं रेनू भाटिया ने कहा कि वह महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़ती रहेंगी। उन्होंने हिंदी में लिखे अपने पत्र में कहा, ‘मैं इस पद से इस्तीफा दे रही हूं। इसलिए, कृपया मेरा इस्तीफा स्वीकार करें।’ संपर्क करने पर रेनू भाटिया ने कहा कि उन्होंने पारिवारिक कारणों से इस्तीफा दिया है और उनके इस कदम को नर्सों की मांग से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
क्यों दिया इस्तीफा?
उन्होंने कहा, 'मैं 20 दिनों के लिए जापान जा रही हूं और फिर अमेरिका में अपनी बेटी से मिलने जाऊंगी। मैं तीन महीने के लिए बाहर रहूंगी। आम तौर पर 10-15 दिनों की छुट्टी मिलती है और मैं इससे ज्यादा समय के लिए बाहर रहूंगी, इसलिए मैंने कहा, -मेरा इस्तीफा स्वीकार कर लीजिए।' उन्होंने जोर देकर कहा कि वह अपनी टिप्पणियों के लिए माफी नहीं मांगेंगी। उन्होंने कहा, ‘मैंने कुछ भी गलत नहीं कहा।’
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कुरुक्षेत्र पुलिस के अनुसार, 31 मई को एक स्थानीय व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई कि 29 मई को वह और उसकी बेटी एलएनजेपी अस्पताल गए थे, जहां उनकी बेटी का यौन उत्पीड़न किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपी डॉक्टर ने पिता और बेटी दोनों को अलग-अलग वार्डों में भर्ती करा दिया था। जब पिता 31 मई को अपनी बेटी के वार्ड में पहुंचा तो उसने उन्हें बताया कि डॉक्टर ने 29 मई को उसका यौन उत्पीड़न किया था।
रेनू भाटिया ने कहा क्या था?
उन्होंने एक महिला नर्स से सवाल पूछते हुए कहा था, 'आप उस रूम में थीं? आपके सामने यह सब हुआ? आप कैसे एक डॉक्टर को एक यंग लड़की के साथ छोड़ सकते हो? आपकी बेटी है? आपकी बेटी को 15 मिनट एक कमरे में किसी के साथ छोड़ूं?'
उन्होंने आगे कहा था, 'आपने सरकारी नौकरी का मजाक बनाया है। मौका दिया आपने उस डॉक्टर को, इसका मतलब आपकी मिलीभगत है। सभी नर्सेज की मिलीभगत है। वह डॉक्टर लड़की को 100 रुपये क्यों और कैसे दे सकता है? वह क्यों पूछ सकता है कि मां, भाई, बहन हैं कि नहीं? 100 रुपये देने का क्या मतलब है कि वह दाना डाल रहा था?'
