बिहार के कटिहार जिले में एक आवास सहायक की दो पत्नियां अचानक आमने-सामने आ गईं। दोनों के बीच पहले कहासुनी हुई और देखते ही देखते दोनों डंडे से एक दूसरे पर हमला करने पर उतारू हो गईं। इस हाईवोल्टेज ड्रामे के बीच में फंसा पति दोनों को शांत कराने की कोशिश करता रहा, लेकिन दोनों में से कोई भी मानने को तैयार नहीं थी।
घटना के समय कटिहार समाहरणालय में काम के लिए आए लोगों की भीड़ लग गई। अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षाकर्मियों ने बीच-बचाव कर किसी तरह दोनों महिलाओं को अलग किया। बताया जा रहा है कि आवास सहायक रंजीत पासवान फलका थाना क्षेत्र के पोठिया के रहने वाले हैं और वर्तमान में कटिहार में तैनात हैं।
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दूसरी पत्नी का आरोप, शादी के समय बताया था कुंवारा
हंगामे के दौरान बारसोई से अपने बेटे के साथ पहुंची दूसरी पत्नी ने मीडिया के सामने गंभीर आरोप लगाए। महिला ने कहा कि करीब 14 साल पहले उसकी शादी रंजीत पासवान से हुई थी। चार साल पहले दोनों ने कोर्ट मैरिज भी की थी और उनका एक बेटा भी है। महिला का आरोप है कि शादी के समय रंजीत ने खुद को अविवाहित बताया था। उसने कहा था कि उसकी कोई पत्नी नहीं है। भरोसे में आकर मैंने कोर्ट मैरिज कर ली। बाद में पता चला कि वह पहले से शादीशुदा है और तीन बच्चों का पिता भी है।
दूसरी पत्नी ने आगे कहा कि रंजीत अब अपनी पहली पत्नी के साथ रह रहा है और उसे और उसके बेटे को किसी तरह का खर्च नहीं दे रहा है। उसने कहा कि मुझे भी हक चाहिए। मेरे बेटे का क्या कसूर है? वह सरकारी नौकरी में है और हमें दर-दर भटका रहा है। इसी बात को लेकर वह समाहरणालय पहुंची थी, जहां उसकी मुलाकात पहली पत्नी से हो गई और दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया।
पहली पत्नी का पलटवार, वही है अवैध संबंध वाली
वहीं दूसरी ओर पहली पत्नी ने भी चुप्पी तोड़ी। उसने दूसरी महिला पर अवैध संबंध और घर तोड़ने का आरोप लगाया। पहली पत्नी का कहना था कि रंजीत के साथ उसकी शादी कई साल पहले हुई थी और उनके तीन बच्चे हैं। उसने कहा कि पति नियमित रूप से घर खर्च देता है और परिवार के साथ रहता है।
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पहली पत्नी ने आरोप लगाया कि दूसरी महिला जबरन उसके पति पर दबाव बना रही है और सरकारी आवास व सुविधाओं में हिस्सा मांग रही है। दोनों महिलाओं के बीच गाली-गलौज और हाथापाई की नौबत तक आ गई। इस दौरान रंजीत बीच में खड़े होकर दोनों को समझाने की कोशिश करता रहा, लेकिन उसका कोई असर नहीं हुआ। समाहरणालय में मौजूद कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों को शांत कराया और मामले को थाने ले जाने की सलाह दी।
पुलिस ने दोनों को समझाकर भेजा, विभाग ने मांगी रिपोर्ट
सूचना मिलने पर नगर थाने की पुलिस समाहरणालय पहुंची और दोनों महिलाओं के साथ रंजीत को थाने ले गई। काफी देर तक पंचायत के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर घर भेज दिया। पुलिस ने कहा कि यदि दोनों में से किसी को शिकायत है तो वे कोर्ट में पारिवारिक मुकदमा दायर कर सकती हैं। उधर, इस घटना के बाद विभाग में भी हड़कंप मच गया है। उच्च अधिकारियों ने रंजीत से पूरे मामले पर स्पष्टीकरण मांगा है।
