हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष पर जमकर हमला बोला। उन्होंने पूर्व सीएम जयराम ठाकुर पर भी निशाना साधा और कई मुद्दों पर विपक्ष के सवालों का जवाब दिया। इस दौान उन्होंने पूर्व सीएम से कहा कि जयराम जी धमकाने की कोशिश क्यों करते हैं? आखिर उन्हें इतना गुस्सा क्यों आता है? 

 

सीएम सुक्खू आज मानसून सत्र के दौरान विधानसभा में बोलने के लिए खड़े हुए। उन्होंने कई सवालों के जवाब दिए। इस बीच उन्होंने पूर्व सीएम पर निशाना साधते हुए कहा, 'जयराम जी धमकाने की कोशिश क्यों करते हैं? आखिर उन्हें इतना गुस्सा क्यों आता है? क्योंकि जैसे-जैसे सत्ता उनसे दूर होती जा रही है, गुस्सा बढ़ता जा रहा है। मुझे गुस्सा कभी नहीं आता, क्योंकि मेरे अंदर धैर्य है।'

 

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विरोधियों को दिया जवाब

विपक्ष की ओर से सीएम सुक्खू से कहा गया कि गुस्सा तो आपको भी आ रहा है। इस तंज के जवाब में सीएम ने कहा कि उन्हें गुस्सा नहीं आ रहा। उन्होंने आगे कहा, 'मुझे गुस्सा कभी नहीं आता, क्योंकि मेरे अंदर धैर्य है। अनेक लोगों ने मेरे लिए गड्ढे खोदे, खाइयां तैयार कीं लेकिन देवी-देवताओं और हिमाचल की जनता के आशीर्वाद से 40 साल के लंबे संघर्ष के बाद आज मैं मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठा हूं।' सीएम ने आगे कहा कि न हमारी नीयत में खोट है, न हमारी सोच में। हम पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ इस प्रदेश की सेवा कर रहे हैं।

बीजेपी के प्रदर्शन पर साधा निशाना

सीएम सुक्खू ने विधानसभा के बाहर भारतीय जनता पार्टी के विधायकों के विरोध प्रदर्शन को लेकर भी पार्टी पर निशाना साधा। सीएम ने कहा कि बीजेपी सरकार के कार्यकाल में हुए सभी गलत कामों को जनता की अदालत में रखा जाएगा। इसके लिए सरकार ने व्हाइट पेपर कमेटी का गठन कर दिया है।

 

सीएम ने कहा, 'यह कमेटी भाजपा सरकार के कार्यकाल से जुड़े मामलों की पड़ताल कर तथ्यों को जनता के दरबार में रखेगी। इससे पहले भाजपा विधायकों ने सदन के बाहर प्रदर्शन किया और कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस सरकार में हर काम के रेट तय है। नेता-अफसर कमीशन ले रहे हैं।'

 

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विधानसभा में टकराव जारी

मानसून सत्र के चौथे दिन भी कई मुद्दों पर सदन में टकराव जारी रहा। आउटसोर्स भर्ती को लेकर सदन में खूब हंगामा हुआ और सत्तापक्ष व विपक्ष में तीखी नोकझोंक हुई। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि आउटसोर्स कंपनियां कांग्रेस नेताओं के रिश्तेदारों के नाम पर रिजस्टर हैं। इसके साथ ही विधानसभा की कार्रवाई शुरू होने से पहले दोनों पक्षों ने विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने राष्ट्रगान के अपमान को लेकर धरना दिया, जबकि बीजेपी ने सहारा योजना और पांच लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की हिमकेयर योजना की बहाली की मांग को लेकर नारेबाजी की।