महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के घाटकोपर इलाके में बुधवार भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन ने एक परिवार समेत कई लोगों की जिंदगी उजाड़ दी है। हादसे में तीन बच्चों सहित छह लोगों की मौत हो गई है जबकि चार अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। भूस्खलन के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है।

 

घटना की सूचना मिलते ही राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचा और मलबे में फंसे लोगों की तलाश शुरू की गई। साथ ही, घायल हुए लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया हैं, जहां उनका इलाज जारी है। लगातार बारिश के बीच बचाव अभियान चलाना भी राहत टीमों के लिए चुनौती बना हुआ है। मुंबई में भारी बारिश के दौरान पहाड़ी और ढलान वाले इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है।

 

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कब और कहां हुआ हादसा?

यह घटना बुधवार सुबह करीब 3:48 पर घाटकोपर के चिराग नगर इलाके में स्थित गौसिया चाल में हुई। जहां पहाड़ी का मलबा नीचे बने दो से तीन मकानों पर आ गिरा। शुरुआत में इस घटना में पांच से छह लोगों के फंसे होने की सूचना मिली थी। इसके बाद मुंबई फायर ब्रिगेड, मुंबई पुलिस और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया गया।

 

अधिकारियों ने बताया कि घाटकोपर स्थित बीएमसी संचालित राजावाडी अस्पताल में छह लोगों को मृत घोषित कर दिया गया है। मृतकों की पहचान 14 साल के मोहम्मद समीर अंसारी, 19 साल के साहिल हुसैन अब्दुल काजी, अबान आरिफ शेख, मन्नत आरिफ शेख और 27 साल के मरजीना आरिफ शेख के रूप में हुई है जबकि एक अन्य मृत की पहचान नहीं हो पाई है। साथ ही अधिकारी ने बताया कि इस घटना में घायल हुए सोहेल अंसारी, मोहम्मद अंसारी, नईमुद्दीन इकबाल खान और साजिद अंसारी को कुर्ला स्थित बीएमसी संचालित भाभा अस्पताल में भर्ती कराया गया हैं जहां उनकी हालत स्थिर बताई गई है।

 

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वित्तीय सहायता देने की घोषणा

मुंबई की महापौर रितु तावड़े भी घटनास्थल पर पहुंचीं और उन्होंने वहां जारी खोज एवं बचाव अभियान का जायजा लिया। तावड़े ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। महापौर ने प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजन को चार लाख रुपये की तत्काल वित्तीय सहायता और प्रत्येक घायल व्यक्ति के इलाज के लिए 50,000 रुपये देने की घोषणा की है। उन्होंने बचाव कार्य में लगी एजेंसियों को अपने प्रयासों को तेज करने और बेहतर समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया है। साथ ही अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल तक पहुंचने के छोटें और तंग रास्तों ने बचाव कार्य को चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

छोटें और तंग रास्ते बने मुसीबत

बीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भूस्खलन के दौरान विशाल चट्टानों ने कई मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। उन्होंने कहा कि घटनास्थल तक पहुंचने का रास्ता इतना छोटें और तंग है कि एक बार में केवल एक ही व्यक्ति प्रवेश कर सकता है। जिससे बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण हो गया है। उन्होंने कहा वहां चलने तक के लिए जगह नहीं है। एक बार में मुश्किल से एक व्यक्ति गुजर सकता है। अधिकारी ने बताया कि छोटें और तंग जगह के कारण मशीनरी तैनात भी नही की जा सकती। जिससे बचाव अभियान और भी मुश्किल हो गया है।