गुजरात के साबरकांठा जिले के गाढ़ी वांकड़ा गांव में 19 मई की रात को हथियारों से लैस करीब 12 लोगों की भीड़ एक महिला को जान से मारने के लिए उसके घर में घुस गई। पड़ोस में रहने वाले एक परिवार ने अफवाहों और शक की वजह से उस महिला पर जादू-टोना करने का आरोप लगाया था। अपनी पत्नी की जान खतरे में देखकर पति और उसके बेटों ने भीड़ का सामना किया। इस लड़ाई में महिला की जान बच गई लेकिन उसके पति की मौत हो गई और उसके दो बेटे गंभीर रूप से घायल हो गए।

 

यह घटना 19 मई की रात की है जब मणिलाल उर्फ मनु भाई डामोर अपने परिवार के साथ घर पर थे। अचानक पड़ोस में रहने वाले परिवार के करीब 12 मर्द और औरतें उनके घर में जबरन घुस आए। इस भीड़ के हाथों में कुल्हाड़ी और लाठियां थीं। घर में घुसते ही उन्होंने चिल्लाना शुरू कर दिया कि मनु भाई की पत्नी कमलाबेन एक 'डायन' है और वह जादू-टोना करती है इसलिए आज उसे जान से मार देना चाहिए।

 

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जितेंद्र के सिर पर कुल्हाड़ी से वार

इस अचानक हुए हमले के बाद अपनी मां कमलाबेन को खतरे में देखकर मनु भाई के बेटे जितेंद्र ने हिम्मत दिखाई और बीच-बचाव करने के लिए आगे आया। वह भीड़ और अपनी मां के बीच में खड़ा हो गया। तभी हमलावरों में से एक ने जितेंद्र के सिर पर कुल्हाड़ी से जोरदार वार किया। हमला इतना तेज था कि जितेंद्र वहीं खून से लथपथ होकर गिर पड़ा लेकिन इसके बाद भी हमलावर उसे लाठियों से पीटते रहे। इस बीच-बचाव में मनु भाई का दूसरा बेटा भी गंभीर रूप से घायल हो गया।

 

जब दोनों बेटे घायल होकर गिर पड़े तो भीड़ में शामिल चार महिलाओं ने मनु भाई को पकड़ लिया। वे महिलाएं मनु भाई को घसीटते हुए घर से बाहर निकाल कर पास के एक खेत में ले गई। वहां भीड़ के बाकी लोगों ने मनु भाई पर कुल्हाड़ियों और लाठियों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। उनके सिर पर बहुत गंभीर चोटें आई और वह अधमरी हालत में वहीं गिर गए। हमलावर उन्हें मरा हुआ समझकर वहां से भाग गए। 

 

भीड़ के जाने के बाद घायल मनु भाई और उनके दोनों बेटों को तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी हालत बेहद खराब थी। मनु भाई लगभग एक हफ्ते तक अस्पताल में भरती थे लेकिन 26 मई की रात को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उनके दोनों बेटे जिन्होंने अपनी मां को बचाने के लिए आगे आए थे, वे भी गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।

 

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पुलिस की जांच

इस घटना के बाद खेड़ब्रह्मा के डिप्टी सुप्रीटेंडेंट ऑफ पुलिस कुलदीप नाई ने मामले की जांच शुरू की। मनु भाई की मौत के बाद पुलिस ने इस केस को हत्या के मामले में बदल दिया। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए हमले में शामिल सभी 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है जिनमें चार महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस ने मुख्य आरोपियों की पहचान वलजीभाई डामोर, जिग्नेशभाई डामोर और रोहितभाई डामोर के रूप में की है। पुलिस अब इन सभी आरोपियों को रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ कर रही है।