बिहार की राजधानी पटना में बदमाशों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र में 23 सितंबर की शाम जन सुराज पार्टी के नेता अनिल यादव पर अपराधियों ने कई राउंड फायरिंग किया। हमला उस समय हुआ जब अनिल अपने ही अपार्टमेंट के बेसमेंट में कुछ काम कर रहे थे। घटना के तुरंत बाद उन्हें पास के अस्पताल ले जाया गया था। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान स्थिति बिगड़ने से उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद लोग कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रहे हैं।
घटना की खबर मिलते ही जन सुराज पार्टी के संस्थाक और बांकीपुर के विधायक प्रशांत किशोर खुद अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने प्रदेश की सरकार पर जमकर निशाना बोला। उन्होंने कहा कि सरकार के आपस की खींचतान की वजह से प्रदेश में अभी तक कोई फुल-टाइम DGP नहीं है, कोई और यह प्रभार संभाले हुए है।
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PK ने जमकर निशाना बोला
प्रशांत किशोर इस हमले में घायल हुए अनिल यादव से मिलने और उनका हाल-चाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचे थे। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कानून व्यवस्था पर जमकर हमला किया। उन्होंने कहा, 'जो लोग जंगलराज खत्म करने के नाम पर सत्ता में आए थे। उन्हें अब जवाब देना चाहिए कि क्या यही उनका सुशासन है? बिहार के लोग देख रहे हैं कि अपराधियों का हौसला और अपराध की घटनाएं कितनी बढ़ गई हैं। इससे पता चलता है कि सरकार के हाथ में अब ज्यादा कुछ है नहीं। सरकार की अपनी राजनीतिक खींचतान की वजह से बिहार में अभी कोई फुल-टाइम DGP भी नहीं है। DGP छुट्टी पर हैं और कोई और चार्ज संभाल रहा है।'
आगे उन्होंने कहा, 'यह दुखद है कि जिस राज्य में लोगों ने खास तौर पर 'जंगल राज' की वापसी रोकने के लिए वोट दिया था। वहां आज जंगल राज के दौर से भी ज्यादा डर का माहौल है। जिनको गोली लगी है वह चार बार चुने गए वार्ड पार्षद हैं। तीन लोग उनके घर में घुसे और खुलेआम गोली मारकर भाग गए। यह शर्मनाक है और सरकार के लिए गंभीर चिंता का विषय होना चाहिए।'
अनिल यादव की हो गईं मौत
गोलीबारी की घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से गंभीर रूप से घायल अनिल को इलाज के लिए नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति देखते हुए फौरन इलाज शुरू किया लेकिन ज्यादा खून बहने के कारण उनकी हालत बिगड़ती चली गई। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनते ही परिजनों का हाल बेहाल हो गया। वार्ड पार्षद ज्ञानवती देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।
परिवार के लोगों का कहना है कि अनिल का किसी से कोई विवाद नहीं था फिर भी उनकी हत्या कर दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में वार्ड के लोग और समर्थक अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल परिसर में भीड़ जुट गई। लोगों में अपराधियों के खिलाफ गुस्सा देखा गया। लोगों ने कहा कि राजधानी में यदि नेता के परिवार भी सुरक्षित नहीं हैं तो आम आदमी का क्या होगा।
बेसमेंट में घेरकर मारा
मामले की जानकारी देते हुए SDPO-1 कृष्ण मुरारी प्रसाद ने बताया कि यह घटना बुधवार शाम करीब 7:30 बजे की है। पूर्व वार्ड पार्षद अनिल यादव अपने अपार्टमेंट के नीचे बैठे थे। तभी एक ही बाइक पर सवार होकर तीन लोग वहां पहुंचे। तीनों ने अपने चेहरे ढके हुए थे। बिना संभलने का मौका दिए उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद अपराधी बाइक पर सवार होकर मौके से फरार हो गए। डॉक्टरों के मुताबिक अनिल यादव को हाथ और कमर के निचले हिस्से में करीब 4 से 5 गोलियां लगी थीं। इलाज के दौरान उनकी हालत और खराब हो गई और उनकी मृत्यु हो गई।
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पुलिस खंगाल रही CCTV
फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल को सील कर दिया गया है। फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंचकर सबूत जुटा रही है। पुलिस आसपास की इमारतों और सड़कों पर लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाल रही है।
पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में हमले के कारणों का पता नहीं चल सका है। अनिल यादव खुद पूर्व में वार्ड पार्षद रह चुके थें। वर्तमान में उनकी पत्नी ज्ञानवंती देवी वार्ड नंबर 24 की पार्षद हैं। पुलिस दुश्मनी समेत सभी संभावित कारणों पर गहराई से छानबीन कर रही है।
