झारखंड के गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की पुलिस के साथ मुठभेड़ के दौरान मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, सुजीत झारखंड के साहिबगंज जेल में बंद था, जिसे धनबाद जेल में शिफ्ट किया जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में सुजीत ने कथित तौर पर पुलिस से बंदूक छीनकर भागने की कोशिश की और फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई के तहत उस पर गोली चलाई, जिससे उसकी मौत हो गई।
यह घटना रविवार यानी 2 अगस्त की देर शाम हुई, जहां पुलिस मुठभेड़ के दौरान सुजीत सिन्हा की मौत हो गई। सुजीत की मौत से उसके आपराधिक गिरोह में हड़कंप मच गया है। पुलिस के अनुसार, सुजीत कई आपराधिक मामलों में शामिल था और राज्य के कारोबारियों से रंगदारी वसूलकर लाखों रुपये ऐंठता था। साथ ही पुलिस जांच में पता चला है कि सुजीत ऐसे गिरोह से भी जुड़ा हुआ था, जो कथित तौर पर अवैध तरीके से पाकिस्तान से हथियार मंगवाता था।
यह भी पढ़ें: मुंगेर कोर्ट में लगी आग, चैंबर जलकर हुआ राख, शॉर्ट सर्किट की वजह से हुआ हादसा
पुलिस एनकाउंटर में हुआ ढेर
जब पुलिस की एक टीम सुजीत को साहिबगंज जेल से धनबाद ले जा रही थी, तब जामताड़ा पहुंचने पर सुजीत ने टॉयलेट जाने की बात कही। पुलिस ने गाड़ी रोकी तो उसने कथित तौर पर पुलिसकर्मी से बंदूक छीन ली और भागने लगा। पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की और कई बार आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, जबकि वह कथित तौर पर फायरिंग करता रहा था।
इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उस पर गोली चलाई। घायल होने के बाद पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक, सुजीत के खिलाफ रंगदारी, हत्या और फायरिंग जैसे कई मामले दर्ज थे। इन्हीं मामलों में वह पिछले कई साल से जेल में बंद था।
यह भी पढ़ें: छोटे पैग पर भड़का भांजा, मामा के सिर पर लोहे के तवे से मारा
सुजीत सिन्हा ने किए अपराध
पुलिस जांच के अनुसार, सुजीत सिन्हा रांची समेत झारखंड के कई कारोबारियों को फोन कर धमकी देता था और दबाव बनाकर रुपये वसूलता था। इसके अलावा हजारीबाग, लातेहार, चतरा, रामगढ़ और पलामू समेत कई जिलों में भी उसके खिलाफ मामले दर्ज थे। पुलिस जांच में यह भी पता चला कि सुजीत कुछ ऐसे लोगों से जुड़ा हुआ था, जो कथित तौर पर पाकिस्तान से अवैध रूप से हथियार मंगवाते थे।
