झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्रों का आंदोलन फिलहाल खत्म होता नहीं दिख रहा है। सरकार ने अभ्यर्थियों की कई मांगों पर सहमति जताई है लेकिन CBI जांच की मांग पर बात नहीं बनी। छात्रों का कहना है कि जब तक पूरे मामले की जांच CBI को नहीं सौंपी जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

 

झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बताया कि सरकार ने अभ्यर्थियों के साथ तीन दिनों तक बातचीत की। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर 14वीं JPSC और 2023-25 की बैकलॉग भर्तियों में सामने आई गड़बड़ियों की जांच और सुधार के लिए कई कदम उठाने का फैसला किया गया है। सरकार का दावा है कि उसने छात्रों की करीब 98 फीसदी मांगें मान ली हैं।

 

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सोरेन सरकार ED जांच पर सहमत

मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के मुताबकि, मामले की आपराधिक पहलुओं की जांज CID करेगी। वहीं, वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध लेनदेन को देखते हुए ED जांच की मांग की जाएगी। सरकार ने आरोपियों के खिलाफ 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित करने की बात भी कही है।

 

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मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने आगे कहा कि भविष्य में भर्ती परीक्षाओं को ज्यादा पारदर्शी बनाने के लिए IIT-ISM, IIM रांची और XLRI के विशेषज्ञों की एक समिति बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया है। यह समिति भर्ती प्रक्रिया में सुधार को लेकर सरकार को सुझाव देगी।

CGL परीक्षा रद्द करने पर नहीं बनी बात

छात्रों की प्रमुख मांगों में CGL परीक्षा को रद्द करना भी शामिल है। सरकार ने कहा कि परीक्षा हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत आयोजित हुई थी और फिलहाल न्यायिक निगरानी में है। ऐसे में सरकार के लिए इसे अपने स्तर पर रद्द करना संभव नहीं है। सरकार ने जांच की निगरानी के लिए रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में मॉनिटरिंग कमेटी बनाने का प्रस्ताव दिया लेकिन छात्रों ने इसे स्वीकार नहीं किया।

 

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अभ्यर्थियों की क्या मांगें हैं?

रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने मांग की कि 2019 के बाद हुई सभी JSSC CGL, JSSC JE और PGT परीक्षाएं रद्द की जाएं। उनका कहना है कि इन परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की CBI से जांच कराई जाए। अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए UR, EWS, BC-I, BC-II, SC और ST समेत सभी वर्गों की अलग-अलग कटऑफ जारी करने की मांग की। साथ ही, उन्हें OMR कॉपी और रिस्पॉन्स शीट भी उपलब्ध कराने की मांग की गई। इसके अलावा अभ्यर्थियों ने UPSC और SSC की तरह झारखंड में भी भर्ती परीक्षाओं के लिए एक तय भर्ती कैलेंडर जारी करने की मांग रखी, ताकि उम्मीदवारों को पहले से पता रहे कि कौन-सी परीक्षा कब होगी।