उत्तर प्रदेश के झांसी से एक चौंका देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश अपना नाम और पहचान छुपाकर साधु की वेश में रह रहा था। इतना ही नहीं वह आर्मी की ड्रेस दिव्य दरबार लगाता था और खुद को दिव्य शक्तियों का मालिक बताता था। बाबा बीमारियों को ठीक करने और भूत-भविष्य व वर्तमान जानने का दावा भी करता था। वह माथे पर तिलक लगाकर और भारतीय सेना जैसी वर्दी पहनकर लोगों को ठग रहा था। 

 
हम बात कर रहे हैं झांसी का बहुचर्चित ‘काली बाबा’ उर्फ प्रदीप शुक्ला की, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। प्रदीप शुक्ला बाबा की वेश मे झांसी के एक मंदिर में रह रहा था। बताया जा रहा है कि ऑनलाइन और ऑफलाइन दिव्य दरबार लगाता था, सीधे-साधे लोग यहां तक कई विदेशी भी उसके झांसे में आ गए थे और भक्त बने हुए थे।  

 

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हरदोई में दर्ज हैं लूट के मामले

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, काली बाबा की असली पहचान हरदोई में कोतवाली थाना क्षेत्र के चौहान थोक में रहने वाले प्रदीप शुक्ला के रूप में हुई है। हरदोई पुलिस के मुताबिक यह कोतवाली थाने का हिस्ट्रीशीटर बदमाश है और इसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। इसके अलावा दो मामलों में यह भगोड़ा भी घोषित है। इसमें एक मामला साल 2014 में एक लूट का है और इस मामले में वह फरार चल रहा था।  

कैसे खुला राज? 

स्थानीय लोगों के कहना है कि काली बाबा ने पिछले साल ही इसने इंस्टाग्राम पर ‘काली सरकार’ के नाम से पेज बनाया था। जहां वह शुक्रवार, शनिवार और रविवार को दिव्य दरबार लगाता था। बताया जा रहा है कि बुधवार को वह लोकल लोगों के लिए मंदिर में ही ऑफलाइन दरबार लगाकर समस्याओं के समाधान का दावा करता था।  

 

हरदोई पुलिस सोशल मीडिया के जरिए ही आरोपी की पहचान की और झांसी पहुंचकर आरोपी का सत्यापन किया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार को मऊरानीपुर थाना पुलिस के साथ मिलकर आरोपी को अरेस्ट कर लिया गया।

 

इसके बाद पुलिस ने आरोपी का असली चेहरा उजागर कर दिया, बाबा की की हकीकत जानकर लोग भी हैरान रह गए। इस मामले में हरदोई पुलिस जरूरी पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई के लिए आरोपी को अपने साथ ले गई है।