कर्नाटक के हुबली में 2015 में हुई एक हत्या की पुरानी रंजिश ने एक बार फिर खूनी रूप ले लिया। आरोप है कि एक युवक ने अपने बड़े भाई की हत्या के आरोपी रहे 35 वर्षीय व्यक्ति की धारदार हथियार से हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक, युवक की मां पिछले कई वर्षों से उसे भाई की मौत का बदला लेने के लिए उकसा रही थी। हत्या के बाद मां ने बेटे को शाबाशी देने के साथ उसे इनाम भी दिया। पुलिस ने इस मामले में मां-बेटे समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है।

 

पुलिस के अनुसार, 28 अगस्त को वीरेंद्र उर्फ मुज्जू तलकल और उसके साथी दीपक चलवाड़ी ने दादपीर उदयकर पर हमला किया था। दादापीर पर 2015 में वीरेंद्र के बड़े भाई मारुति तलकल की हत्या का आरोप लगा था लेकिन अदालत ने उसे इस मामले में बरी कर दिया था। इसके बावजूद वीरेंद्र के मन में उसके खिलाफ रंजिश बनी हुई थी।

 

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मां ने बेटे को बदला लेने के लिए उकसाया

हुबली-धरवाड़ के पुलिस कमिश्नर एन शशि कुमार के मुताबिक, जब वीरेंद्र नाबालिग था तब उसके बड़े भाई की हत्या हुई थी। आरोप है कि उसकी मां शकुंतला तलकल लगातार उससे कहती थी कि दादापीर ही उसके भाई की मौत के लिए जिम्मेदार है। वह बेटे को डराती थी कि अगर उसने बदला नहीं लिया तो दादापीर उसे भी मार सकता है। पुलिस का दावा है कि हत्या के बाद शकुंतला ने वीरेंद्र को बधाई दी और इनाम दिया। उसने कहा कि वह लंबे समय से दादापीर की हत्या का इंतजार कर रही थी।

 

पुलिस के मुताबिक, दादापीर 28 अगस्त को एक बुजुर्ग व्यक्ति के साथ हुबली आया था। आरोपियों ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और बाद में छिपाकर रखे धारदार हथियार लेकर उसका पीछा किया। दादापीर जब बसव कॉलोनी क्रॉस के पास एक सैलून के बाहर बैठा था तभी वीरेंद्र ने उस पर हमला कर दिया। दादापीर जान बचाकर भागा लेकिन एक बाइक की चपेट में आने से गिर गया। आरोपियों ने उसका पछा किया और सिद्धेश्वर पार्क के पास उस पर दोबारा हमला किया। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई।

 

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तीन-चार लोगों की तलाश में पुलिस

पुलिस ने वीरेंद्र और दीपक को मुख्य आरोपी बताया है। इनके अलावा शकुंतला तलकल, रक्षित बंदीवड्डर, तौफीक होराकेरी और फारूक नरगुंद को भी गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि इन लोगों ने हत्या के लिए गाड़ी, पैसे, कपड़े और हथियार उपलब्ध कराने में मदद की। उन्होंने आरोपियों को पुलिस से बचाने की भी कोशिश की। पुलिस के मुताबिक, दीपक की भी दादापीर से पुरानी दुश्मनी थी। मामले में तीन से चार अन्य लोगों के शामिल होने का शक है, जिनकी तलाश जारी है। दादापीर वर्ष 2017 से कलघाटगी तालुक में रह रहा था और खेती के साथ मुर्गी पालन का काम करता था। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।