परीक्षा केंद्र की कड़ी सुरक्षा और सीसीटीवी की निगरानी के बीच एक जवान का प्रश्नपत्र और कॉपियां लेकर बाहर निकल जाना। मामला सुनने में ही अजीब लगता है लेकिन कुर्सेला थाना क्षेत्र में हुई इस घटना ने बिहार की परीक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बरामद प्रश्नपत्र किसी आम परीक्षा के नहीं, बल्कि मद्य निषेध विभाग की हालिया परीक्षा से जुड़े बताए जा रहे हैं। हालांकि अभी इसकी गहराई से जांच की जा रही है लेकिन शुरुआती जानकारी और सूत्रों की मानें तो पूरा मामला प्रश्नपत्र लीक और नकल गिरोह से जुड़ा है। पुलिस ने एक जवान समेत कुछ लोगों को हिरासत में लिया है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है।
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केंद्र से बाहर निकलीं कॉपियां और प्रश्नपत्र
जानकारी के मुताबिक कुर्सेला के एक परीक्षा केंद्र पर हाल ही में हुई परीक्षा के दौरान एक जवान संदिग्ध हालत में पकड़ा गया। तलाशी में उसके पास से प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाएं बरामद हुईं। सवाल यह है कि जैमर और सीसीटीवी से लैस केंद्र से वह यह सब बाहर कैसे ले आया। परीक्षा केंद्र पर केंद्र अधीक्षक और वीक्षकों की ड्यूटी होती है। ऐसे में अंदेशा जताया जा रहा है कि कहीं इस पूरे खेल में केंद्र के अंदर बैठे लोगों की मिलीभगत तो नहीं है। अगर ऐसा है तो यह सिर्फ एक जवान का काम नहीं, बल्कि एक बड़े गिरोह का हिस्सा हो सकता है।
एसपी ने थाना पहुंचकर की लंबी पूछताछ
घटना की खबर मिलते ही कटिहार के पुलिस कप्तान परिचय कुमार आनन-फानन में कुर्सेला थाना पहुंचे। उन्होंने हिरासत में लिए गए जवान और अन्य आरोपियों से बंद कमरे में करीब एक घंटे तक पूछताछ की। थाने पर मौजूद पत्रकारों ने जब एसपी से इस मामले और प्रश्नपत्र लीक की आशंका को लेकर सवाल पूछे तो उन्होंने सीधे जवाब देने से बचते हुए कहा कि वह केवल कुर्सेला थाने के नियमित निरीक्षण के लिए आए हैं।
सबसे बड़ा खुलासा यह है कि बरामद प्रश्नपत्र मद्य निषेध विभाग की परीक्षा से संबंधित बताए जा रहे हैं। मद्य निषेध विभाग में हाल के दिनों में बड़ी संख्या में बहाली हुई थी और उसकी परीक्षा में हजारों अभ्यर्थी शामिल हुए थे। अगर यह बात सच साबित होती है तो यह बिहार की परीक्षा प्रणाली के लिए एक बड़ा झटका होगा। इतनी सख्त व्यवस्था के बावजूद प्रश्नपत्र का बाहर आ जाना सीधे तौर पर विभाग और परीक्षा एजेंसी दोनों की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है।
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बड़े सिंडिकेट के शामिल होने का शक
पुलिस सूत्रों का कहना है कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं। उसी के आधार पर पुलिस की विशेष टीमें अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही हैं l जानकारों का मानना है कि इस रैकेट में सिर्फ एक जवान शामिल नहीं हो सकता। इसके पीछे शिक्षा माफिया, विभाग के कुछ अधिकारी और रसूखदार लोग भी हो सकते हैं। ऐसे गिरोह अक्सर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र हासिल कर उसे मोटी रकम में बेचते हैं। पुलिस को शक है कि यह गिरोह पहले भी कई परीक्षाओं में इसी तरह का खेल कर चुका है। अब जब एक जवान पकड़ा गया है तो हो सकता है कि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो।
परीक्षा माफियाओं में हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद से जिले में परीक्षा माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। कई संदिग्ध लोग अपनी जगह बदल रहे हैं और फोन भी बंद कर लिए गए है। पुलिस का कहना है कि नेटवर्क के मुख्य सरगनाओं तक पहुंचने के बाद ही पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा किया जाएगा। इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद प्रश्नपत्र बाहर कैसे आया। जैमर, सीसीटीवी, मजिस्ट्रेट और पुलिस की तैनाती के बावजूद अगर पेपर लीक हो जाए तो फिर अभ्यर्थियों का भविष्य किसके हाथ में सुरक्षित है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और हिरासत में लिए गए लोगों से लगातार पूछताछ हो रही है। कटिहार पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस रैकेट के तारों को पूरी तरह से खींचकर सामने लाया जाएगा।
