महाराष्ट्र के पुणे में केतन हत्याकांड की जांच कर रही पुलिस की एक टीम आज यानी 28 जून को मुख्य आरोपी सिया गोयल और चेतन को घटनास्थल पर लेकर पहुंची। यहां सिया गोयल से पूरी घटना को सिलसिलेवार तरीके से दोबारा रीक्रिएट कराया गया। पुलिस ने केतन के वजन के बराबर का एक पुतला किले से नीचे गिराकर घटना को दोहराया। इस रीक्रिएशन के जरिए पुलिस यह जानना चाहती थी कि आरोपी सिया का बयान कितना सही है।

 

पुलिस अधिकारी आज लोहागढ़ किले पर पहुंचे, जहां दोनों आरोपियों से पूरी घटना दोबारा कराई गई। केतन अग्रवाल की हत्या 18 जून को हुई थी। इस मामले में पुलिस ने सिया और चेतन को गिरफ्तार किया था। दोनों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 और धारा 61 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

 

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पुलिस ने दी अहम जानकारी

 

पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने जांच को लेकर कहा, टहमने पूरी घटना का रीक्रिएशन कराया, जिसमें यह समझने की कोशिश की गई कि आरोपी किस रास्ते से घटनास्थल तक पहुंचे और किन परिस्थितियों में घटना को अंजाम दिया गया।

 

पुलिस के मुताबिक, सिया कथित तौर पर केतन से शादी नहीं करना चाहती थी क्योंकि वह चेतन से प्रेम करती थी। इसी वजह से उसने चेतन के साथ मिलकर केतन की हत्या की साजिश रची। पुलिस का दावा है कि सिया, केतन को घूमने के बहाने लोहागढ़ किले पर ले गई, जहां उसे धक्का देकर हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, सिया को डर था कि यदि शादी टूट गई तो परिवार की बदनामी होगी।

 

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पुलिस की जांच जारी

 

पुलिस इस मामले की हर कड़ी की गंभीरता से जांच कर रही है। जांच टीम दोनों आरोपियों की फोन लोकेशन, घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और हत्या से पहले व बाद की उनकी गतिविधियों की पड़ताल कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस हत्याकांड की साजिश कब और कैसे रची गई तथा इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी या नहीं।