देश के कई हिस्सों में चले छात्र आंदोलनों के बीच उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी जूनियर छात्र प्रदर्शन करने बैठ गए हैं। इन छात्रों का गुस्सा जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय में बदहाली और अव्यवस्थाओं के खिलाफ है। छात्रों का आरोप है कि स्कूल में टीचरों की भारी कमी है जिसकी वजह से उनकी पढ़ाई का नुकसान हो रहा है।

 

सैकड़ों की तादात में स्कूल ड्रेस पहले हुए छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर लखनऊ में बुद्धेश्वर क्रॉसिंग पर सड़क जाम कर दिया। सड़क पर प्रदर्शन करने से यहां लंबा जाम लग गया और ट्रैफिक बुरी तरह से प्रभावित हुआ। 

 

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असीम अरुण ने संभाला मोर्चा

 

इसी ट्रैफिक जाम में उत्तर प्रदेश के मंत्री असीम अरुण भी फंस गए थे। वह अपनी कार से उतरकर छात्रों के बीच पहुंचे और उन्होंने बीच-बचाव किया। अरूण ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बात की। उनके दखल के बाद, छात्रों ने सड़क खाली कर दी। बाद में असीम अरुण ने स्कूल कैंपस में जाकर छात्रों से बात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि टीचरों की कमी को दूर किया जाएगा।

 

 

 

 

खाने की क्वालिटी बहुत खराब

 

सड़क पर उतरे छात्रों का आरोप है कि हॉस्टल में मिलने वाले खाने की क्वालिटी बहुत खराब किस्म की है। खाने में कई बार कीड़े निकल चुके हैं लेकिन शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं होती है। इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं में भी घोर लापरवाही बरती जा रही है।

 

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मजबूरन सड़क पर उतरना पड़ा 

 

छात्रों का आरोप है कि अगर कोई छात्र गंभीर रूप से बीमार भी पड़ जाए, तो फार्मासिस्ट ढंग का इलाज करने के बजाय सिर्फ डोलो गोली थमाकर पल्ला झाड़ लेते हैं। वहीं, छात्रों का ये भी कहना था कि टीचर कम हैं जिससे उनकी पढ़ाई पर असर पड़ रहा है लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही तो उनको ये कदम उठाना पड़ा।

छात्रों ने कहा है कि उनकी सुनवाई नहीं होने के कारण ही उन्हें मजबूरन आज सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करना पड़ा।