उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रो. रणवीर सिंह बिष्ट छात्रावास की फीस में करीब पांच गुना बढ़ोतरी को लेकर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। छात्रावास की सालाना फीस 5,400 रुपये से बढ़ाकर 27,250 रुपये किए जाने के विरोध में छात्रों ने कुलपति कार्यालय का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर बिना पर्याप्त जानकारी दिए भारी फीस बढ़ाने का आरोप लगाते हुए तत्काल बढ़ी फीस वापस लेने की मांग की।
छात्रों के मुताबिक पहले छात्रावास की सालाना फीस महज 5,400 रुपये थी। सत्र 2025-26 में इसे बढ़ाकर 27,250 रुपये सालाना कर दिया गया। छात्रों का कहना है कि यह करीब पांच गुना बढ़ोतरी है। इतनी बड़ी फीस वृद्धि से खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों के सामने पढ़ाई के साथ रहने का खर्च जुटाना भी चुनौती बन गया है। छात्रों ने आरोप लगाया कि फीस बढ़ाने से पहले उन्हें इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। अचानक बढ़ी फीस को लेकर विद्यार्थियों में नाराजगी बढ़ती गई और मंगलवार को बड़ी संख्या में छात्र कुलपति कार्यालय पहुंच गए।
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फीस बढ़ी तो सुविधाएं कहां?
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने सिर्फ फीस वृद्धि ही नहीं, बल्कि छात्रावास की सुविधाओं को लेकर भी विश्वविद्यालय प्रशासन को घेरा। छात्रों का कहना है कि छात्रावास के कई हिस्सों की हालत खराब है और मरम्मत की जरूरत है। ऐसे में फीस में इतनी बड़ी बढ़ोतरी का औचित्य समझ से परे है। छात्रों ने फर्नीचर और बेड की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि जब छात्रावास में कई जरूरी सुविधाएं अभी तक पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं तो पांच गुना फीस बढ़ाने का फैसला क्यों लिया गया।
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छात्रों के प्रदर्शन के दौरान प्रॉक्टर डॉ. राकेश त्रिवेदी और छात्र कल्याण परिषद की डीन अमिता कनौजिया ने विद्यार्थियों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि छात्र अपनी मांग पर अड़े रहे। बाद में छात्रों ने कुलपति से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं और बढ़ी हुई फीस वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान प्रभात राज यादव, शुभम बरवार, आदित्य पांडेय, अभय प्रधान, अक्षत समेत कई छात्र मौजूद रहे। छात्रों ने संकेत दिया कि फीस वृद्धि पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।
