पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले पर हुए हमले को लेकर सियासत तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल के परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह ने कहा है कि इस हमले में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की कोई भूमिका नहीं थी। उन्होंने कहा कि बीजेपी इस हमले के खिलाफ है। 9 अगस्त को उत्तर 24 परगना जिले के हलिशहर में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले पर भीड़ ने हमला कर दिया था। वह एक TMC कार्यकर्ता के घर जा रही थीं, जिसकी पुलिस कस्टडी में मौत हो गई थी। इसी दौरान गुस्साई भीड़ ने उन्हें बीच रास्ते में रोक लिया और हमला कर दिया।
इस घटना को लेकर पश्चिम बंगाल के परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी इस घटना के खिलाफ है। अर्जुन सिंह का कहना है कि वहां बीजेपी का कोई कार्यक्रम नहीं था और बीजेपी का कोई व्यक्ति भी मौजूद नहीं था।
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हमले के पीछे घरों में लूटपाट और तोड़फोड़ का गुस्सा
मंत्री अर्जुन सिंह ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले पर हुए कथित हमले में बीजेपी की कोई भूमिका नहीं थी। उनका दावा है कि हमले में शामिल लोगों ने अतीत में अपने घरों में हुई लूटपाट और तोड़फोड़ के कारण ऐसा किया। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी इसके खिलाफ है। लोगों ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि उनके घरों में लूटपाट और तोड़फोड़ की जा रही थी। वहां बीजेपी का कोई कार्यक्रम नहीं था, न ही बीजेपी का कोई भी व्यक्ति वहां मौजूद था।
ममता बनर्जी पर BJP विधायक ने उठाया सवाल
बीजेपी विधायक सजल घोष ने भी कहा कि उनकी पार्टी इस तरह की कार्रवाई का समर्थन नहीं करती। उन्होंने ममता बनर्जी के वहां जाने के तरीके पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जैसा करोगे, वैसा भरोगे। हम इस तरह की घटना का समर्थन नहीं करते। आम लोग क्या करें? क्या गोली चलाएं? अगर किसी व्यक्ति को Z-प्लस सुरक्षा मिली है, तो उसे कम से कम पुलिस को बताना चाहिए कि वह कहां जा रहा है। फिर इसकी जरूरत क्यों पड़ी? खुद सीएम मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भी इस घटना में बीजेपी की किसी भूमिका से इनकार किया। उन्होंने कहा कि यह विरोध ममता बनर्जी के खिलाफ लोगों के गुस्से को दिखाता है।
बीजेपी पर हमले की साशिज
हमले के बाद टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी और डोला सेन ने भी आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की गाड़ी पर पत्थर फेंके गए। कल्याण बनर्जी ने इसे हत्या की कोशिश बताया और बीजेपी पर हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वहां बीजेपी कार्यकर्ता मौजूद थे और पुलिस चुपचाप सब देख रही थी। पुलिस पूरी तरह मूकदर्शक बनी रही। बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों के हाथ में किसी राजनीतिक पार्टी का झंडा नहीं था। उन्होंने खुद को स्थानीय निवासी बताया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ममता बनर्जी सत्ता में रहने के दौरान कभी इस इलाके में नहीं आईं। प्रदर्शन के दौरान वापस जाओ और चोर जैसे नारे लगाए गए।
