उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। जिस युवक को परिवार और पुलिस मृत मान चुके थे, उसका अंतिम संस्कार भी हो चुका था और तेरहवीं का भोज चल रहा था। इसी दौरान वह युवक अचानक जिंदा घर लौट आया। घटना ने न सिर्फ परिजन बल्कि पुलिस प्रशासन को भी असहज स्थिति में डाल दिया है। अब इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली, शव की पहचान और परिवार की भूमिका को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

 

जानकारी के मुताबिक, वैशाली क्षेत्र स्थित कल्पना अपार्टमेंट निवासी 38 वर्षीय गिरधर सिंह बिष्ट का पिछले महीने स्थानीय दुकानदारों से विवाद हुआ था। इसके बाद कौशाम्बी थाना पुलिस ने उन्हें शांति भंग की आशंका में हिरासत में लेकर डासना जेल भेज दिया था। 21 मई को जेल से रिहा होने के बाद वह घर नहीं पहुंचे, जिसके बाद परिजनों ने उनकी तलाश शुरू कर दी।

अज्ञात शव का कर दिया अंतिम संस्कार

इसी बीच 13 जून को मसूरी थाना क्षेत्र में एक अज्ञात शव मिला। सूचना पर पहुंचे परिजन ने शव की पहचान गिरधर सिंह बिष्ट के रूप में की। पुलिस ने पंचनामा और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजन को सौंप दिया। इसके बाद परिवार ने अंतिम संस्कार भी कर दिया। शव मिलने के बाद परिजन ने कौशाम्बी थाने पर हंगामा किया था और स्थानीय दुकानदारों पर हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा भी दर्ज कराया था लेकिन अब गिरधर के जिंदा लौटने के बाद पूरा मामला उलझ गया है।

 

यह भी पढ़ें: एक लाख की रिश्वत लेते मंडी सचिव गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई 

पुलिस की शिनाख्त प्रक्रिया पर सवाल

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस शव का अंतिम संस्कार किया गया, वह आखिर किसका था? पुलिस ने बिना डीएनए परीक्षण कराए केवल परिजन की पहचान के आधार पर शव सौंप दिया। ऐसे में पुलिस की शिनाख्त प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस के सामने अब दो बड़ी चुनौतियां हैं। पहली, गिरधर सिंह बिष्ट इतने दिनों तक कहां रहे और घर क्यों नहीं लौटे। दूसरी, जिस अज्ञात शव का अंतिम संस्कार कराया गया उसकी वास्तविक पहचान क्या है? पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरधर फिलहाल मानसिक रूप से सामान्य स्थिति में नहीं हैं। उनके सामान्य होने के बाद विस्तृत पूछताछ की जाएगी।

 

यह भी पढ़ें: हाथ जोड़ता रहा, पैर पकड़ता रहा, फिर भी नहीं लौटी पत्नी; युवक ने दी जान

जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर

पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। गिरधर और उनके परिजनों से पूछताछ के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस घटना ने पूरे प्रदेश में चर्चा छेड़ दी है और पुलिस व्यवस्था से लेकर शवों की शिनाख्त प्रक्रिया तक पर बहस शुरू हो गई है।