उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के देवा कस्बे में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मजार पर झाड़-फूंक के नाम पर एक विवाहिता को करीब 10 दिनों तक खंभे से बांधकर रखा गया। आरोप है कि इस दौरान उसका कथित इलाज किया जाता रहा लेकिन मंगलवार रात उसकी मौत हो गई।

 

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शुरुआती जांच में सामने आया कि महिला को अंधविश्वास के चलते मजार पर ले जाया गया था, जहां उसे खंभे से बांधकर झाड़-फूंक की जा रही थी। इलाज के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ गई और बाद में उसकी मौत हो गई।

 

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क्या है पूरा मामला?

लखनऊ के गोमतीनगर क्षेत्र के ग्वारी निवासी अंकित यादव अपनी पत्नी रूबी 33 वर्षीय रूबी को उसकी मां के साथ करीब 10 दिन पहले देवा की मजार पर लेकर आए थे। परिजन का कहना है कि रूबी मानसिक रूप से अस्वस्थ थी और कई बार उग्र व्यवहार करने लगती थी। इसी वजह से उसे पेड़ से बांधकर रखा गया और झाड़-फूंक का सिलसिला लगातार चलता रहा। इस दौरान वह भूखी प्यासी भी रही। जिस कारण उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उसे चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

 

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मृतका के पिता ने लगाया आरोप

मृतका के पिता प्रमोद अस्पताल पहुंचे उन्होंने पुलिस को शिकायत दर्ज करी। पिता प्रमोद ने आरोप लगाया कि उनके दामाद अंकित यादव, बाबा तांत्रिक मुन्ना तथा उसके सहयोगी कदीर अहमद ने इलाज के नाम पर रूबी को कई दिनों तक खंभे से बांधकर रखा और झाड़-फूंक करते रहे। झाड़-फूंक के दौरान उसकी हालत बिगड़ गई जिससे उसकी मौत हो गई। 

 

प्रभारी निरीक्षक आलोक मणि त्रिपाठी ने बताया कि शिकायत के आधार पर मृत महिला के पति, कथित बाबा और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच करने कते बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।