उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मेट्रो नेटवर्क के महाविस्तार की तैयारी तेज हो गई है। दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों को मेट्रो कनेक्टिविटी से जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है। प्रस्तावित विस्तार के तहत करीब 150 से 170 किलोमीटर लंबा मेट्रो ग्रिड तैयार किया जाएगा, जिसमें करीब 90 नए स्टेशन बनाए जाने की योजना है। इसके लिए 10 नए कॉरिडोर की डीपीआर तैयार की जा रही है।इस महाविस्तार में बाराबंकी, अयोध्या रोड, हरदोई रोड, सुल्तानपुर रोड, मोहनलालगंज और लखनऊ के कई प्रमुख इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने का प्रस्ताव है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) और शहरी आवास एवं विकास विभाग इस दिशा में काम कर रहे हैं।

प्रस्तावित मेट्रो विस्तार पर करीब 30 हजार करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है। नेटवर्क में लगभग 150 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड रखने की योजना है जबकि पुराने लखनऊ के घनी आबादी वाले हिस्से में करीब 20 किलोमीटर ट्रैक अंडरग्राउंड हो सकता है।इससे गोमती नगर, विभूति खंड, राजाजीपुरम, इंदिरा नगर, एसजीपीजीआई, ट्रांसपोर्ट नगर समेत शहर के बाहरी इलाकों की कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है।

अनौरा कलां से बाराबंकी

लखनऊ-बाराबंकी कनेक्टिविटी इस विस्तार की प्रमुख कड़ी होगी। अनौरा कलां से बाराबंकी तक करीब 14.43 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर प्रस्तावित है। यह अयोध्या रोड यानी NH-27 के रास्ते दोनों शहरों को जोड़ेगा। बाराबंकी से नौकरी, पढ़ाई और कारोबार के लिए रोज लखनऊ आने-जाने वाले यात्रियों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। अयोध्या रोड पर ट्रैफिक दबाव कम करने में भी यह कॉरिडोर अहम हो सकता है।

 

चारबाग से वसंतकुंज तक करीब 11.16 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर प्रस्तावित है। यह अमीनाबाद, चौक, मेडिकल कॉलेज (KGMU), ठाकुरगंज और बालागंज होते हुए हरदोई रोड के रास्ते वसंतकुंज तक जाएगा।इस रूट का बड़ा हिस्सा अंडरग्राउंड रखने की योजना है। इससे पुराने लखनऊ के घनी आबादी वाले और बाजार क्षेत्रों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा जा सकेगा।

 

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एयरपोर्ट से कल्ली पश्चिम-बंथरा

चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट से कल्ली पश्चिम और बंथरा तक करीब 15.5 किलोमीटर लंबा रूट प्रस्तावित है। यह अमौसी एयरपोर्ट स्टेशन से आगे कानपुर रोड, बंथरा और सरोजनी नगर होते हुए रायबरेली रोड की ओर कल्ली पश्चिम तक जाने की योजना है।इससे दक्षिणी लखनऊ की हाउसिंग सोसायटियों और किसान पथ से जुड़े इलाकों को सीधी मेट्रो कनेक्टिविटी मिल सकती है।

राजाजीपुरम से IIM रोड

राजाजीपुरम से आईआईएम रोड तक करीब 18 किलोमीटर के कॉरिडोर की योजना है। इसमें तालकटोरा, दुबग्गा और आईआईएम मोड़ जैसे इलाके जुड़ेंगे।इस रूट से पश्चिमी लखनऊ के बड़े आवासीय क्षेत्रों के साथ सीतापुर रोड और आईआईएम रोड की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। छात्रों और आसपास के संस्थानों में आने-जाने वाले लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा।

मुंशीपुलिया से जानकीपुरम

मौजूदा नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर को आगे बढ़ाते हुए मुंशीपुलिया से जानकीपुरम तक करीब 6.5 किलोमीटर का विस्तार प्रस्तावित है। यह लाइन इंजीनियरिंग कॉलेज, जानकीपुरम एक्सटेंशन और एकेटीयू व लखनऊ विश्वविद्यालय के नए परिसरों की ओर कनेक्टिविटी बढ़ाएगी। इससे जानकीपुरम और विकासनगर के लोगों को मौजूदा मेट्रो नेटवर्क से सीधा जुड़ाव मिलेगा।

 

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इंदिरा नगर से अनौरा कलां

इंदिरा नगर से अनौरा कलां तक प्रस्तावित कॉरिडोर कमता चौराहा, मटियारी और चिनहट होते हुए अयोध्या रोड से जुड़ेगा। यह बाराबंकी मेट्रो लाइन के लिए महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। चिनहट और अयोध्या हाईवे पर बढ़ते यातायात दबाव को कम करने में भी यह रूट मददगार हो सकता है।

 

इंदिरा नगर से सीजी सिटी तक करीब 11.5 किलोमीटर लंबा मेट्रो कॉरिडोर प्रस्तावित है। यह गोमती नगर, विभूति खंड, पत्रकारपुरम और शहीद पथ के आसपास से होते हुए सुल्तानपुर रोड स्थित सीजी सिटी को जोड़ेगा। अवध शिल्पग्राम, इकाना स्टेडियम और मेदांता अस्पताल जैसे प्रमुख स्थान इस नेटवर्क से जुड़ सकेंगे। इससे ट्रांस गोमती क्षेत्र और सीजी सिटी के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है।

CG सिटी से SGPGI

सीजी सिटी से एसजीपीजीआई तक करीब 9.8 किलोमीटर का कॉरिडोर प्रस्तावित है। यह सुल्तानपुर रोड से होते हुए रायबरेली रोड के SGPGI और ट्रांसपोर्ट नगर-तेलीबाग क्षेत्र को जोड़ेगा।इस रूट का सबसे बड़ा फायदा मरीजों और तीमारदारों को मिलने की उम्मीद है। शहीद पथ और आसपास की सड़कों पर ट्रैफिक दबाव कम करने में भी यह अहम भूमिका निभा सकता है।

 

रायबरेली रोड पर कल्ली पश्चिम से मोहनलालगंज तक मेट्रो पहुंचाने की योजना है। यह मोहनलालगंज तहसील मुख्यालय और दक्षिणी आउटर रिंग रोड क्षेत्र को लखनऊ के मुख्य मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।इससे मोहनलालगंज क्षेत्र में प्रस्तावित लॉजिस्टिक्स हब और आसपास के कस्बों को भी फायदा मिलने की संभावना है।

राजाजीपुरम-मूसाबाग और वसंतकुंज

प्रस्तावित नेटवर्क में राजाजीपुरम से मूसाबाग और वसंतकुंज से आईआईएम की कनेक्टिविटी भी शामिल है। करीब 6 से 12 किलोमीटर के ये हिस्से रिंग कॉरिडोर की तरह काम कर सकते हैं। इनसे हरदोई रोड, मूसाबाग, वसंतकुंज योजना और आईआईएम रोड आपस में जुड़ेंगे। इससे पश्चिमी और उत्तरी लखनऊ के बाहरी इलाकों को चारबाग या हजरतगंज जैसे व्यस्त हिस्सों से होकर गुजरे बिना मेट्रो कनेक्टिविटी मिल सकेगी।

 

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अयोध्या रोड से बाराबंकी तक बदलेगा सफर

मेट्रो विस्तार का सबसे बड़ा असर लखनऊ से जुड़े बाहरी क्षेत्रों पर पड़ने की उम्मीद है। खासकर अयोध्या रोड, बाराबंकी, जानकीपुरम, सुल्तानपुर रोड और मोहनलालगंज में मेट्रो कनेक्टिविटी बढ़ने से आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों को गति मिल सकती है।डीपीआर तैयार होने के बाद इन प्रस्तावित कॉरिडोर की विस्तृत तकनीकी और वित्तीय स्थिति सामने आएगी। फिलहाल सरकार और संबंधित विभाग मेट्रो नेटवर्क के इस बड़े विस्तार को आगे बढ़ाने की तैयारी में जुटे हैं।